चिपचिपी स्किन के डर से छोड़ रहे हैं मॉइश्चराइजर? तो जान लें स्किन को इससे होने वाले नुकसान

आपकी स्किन ऑयली है और सारी मेहनत के बावजूद भी स्किन चिपचिपी लगती है तो इसका मतलब है कहीं ना कहीं कुछ गलती हो रही है। अगर ऑयली स्किन की केयर सही तरीके से ना की जाए तो वह और भी ज्यादा मात्रा में ऑयल बनाने लगती है और स्किन प्रॉब्लम्स पहले से ज्यादा बढ़ जाती है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि ऑयली स्किन को मॉइश्चराइज करने में क्या गलतियां हों रही हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

मॉइश्चराइजर न लगाना
ऑयली स्किन की वजह से मॉइश्चराइजर स्किप करना बहुत बड़ी गलती है। इसकी वजह से आपका सिबेशियस ग्लैंड और भी ज्यादा मात्रा में ऑयल बनाने लगता है।

हैवी क्रीम लगाना
यह ड्राई स्किन के लिए परफेक्ट होती है लेकिन ऑयली के लिए नहीं। इससे आपके पोर्स बंद हो जाएंगे।

ड्राई स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाना
अगर आप अपने फेस को पूरी तरह ड्राई करने के बाद मॉइश्चराइजर लगाते हैं तो वह अच्छी तरह एब्जॉर्ब नहीं होगा। हल्की गीली स्किन पर ही मॉइश्चराइजर लगाना ऑयली स्किन पर अच्छा रिजल्ट दे सकता है।

बार-बार फेस धोना
स्किन ऑयली महसूस होने पर चेहरे को बार-बार वॉश करने से स्किन के बैरियर डैमेज हो जाते हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कॉस्मैटिक्स साइंस में छपी रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि बार-बार चेहरा धोने से स्किन की बाहरी लेयर को नुकसान पहुंचता है।

ज्यादा मात्रा में प्रोडक्ट का इस्तेमाल
जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट लगाने का मतलब बेहतर रिजल्ट नहीं होता। ऐसा करने से अतिरिक्त प्रोडक्ट स्किन की ऊपरी परत पर ही जमा रह जाता है और स्किन चिपचिपी नजर आने लगती है।

पैक पर लिखी सामग्री नहीं पढ़ते
कुछ प्रोडक्ट खासतौर से ऑयली स्किन को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। इसलिए जब भी प्रोडक्ट खरीदें पैक के पीछे लिखी सामग्रियों की लिस्ट जरूर पढ़ें।

इस तरह चुनें अपने लिए सही मॉइश्चराइजर
लाइटवाइट, जैल बेस्ड ऑयली स्किन मॉइश्चराइजर लें
स्किन ऑयली महसूस होने पर इसे रोजाना इस्तेमाल करें

ऑयली स्किन के लिए फायदेमंद हैं ये तत्व
नियासिनमाइड: ऑयल को कंट्रोल करता है और पोर्स छोटा करता है
हायलूरोनिक एसिड: हाइड्रेट करता है वो भी हैवीनेस के बिना
सैलिसिलिक एसिड: पोर्स साफ करता है
कैफीन: स्किन को ताजगी मिलती है

इनसे बचें
मिनरल ऑयल
आर्टिफिशियल खुशबू
कोकोनट ऑयल

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