माता वैष्णो देवी प्राचीन यात्रा मार्ग की बदल रही है सूरत

माता वैष्णो देवी जाने वाले प्राचीन यात्रा मार्ग की सूरत बदलने की कवायद चल रही है। इनटैक इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। वह प्राचीन काल के मंदिरों के साथ ही जलाशयों को पुर्नजीवित करने के कार्य में जुटा है। श्री मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से भी इस मार्ग पर पड़ने वाले दो मंदिरों का जीर्णोद्धार किया रहा है।
कई वर्ष पहले जम्मू में आकर नगरोटा-पंगाली-शिबा-ठंडापानी-मढ़-गुंडला-बमियाल-ओली मंदिर और देवा माई मंदिर होते हुए कटड़ा पहुंचते थे। आसपास के गांव वाले इस रास्ते से पैदल माता के भवन के जाते थे। बाद में नया मार्ग विकसित हो जाने के बाद उन्होंने प्राचीन से आना जाना छोड़ दिया। इस मार्ग पर पड़ने वाले मंदिर और जलाशयों की स्थिति खराब हो गई।
इस बीच इनटेक यानी इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज ने इस मार्ग के जीर्णोद्धार का प्रोजेक्ट तैयार किया और उस पर काम शुरू कर दिया। इसमें प्रशासन भी उसकी मदद कर रहा है। श्री मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से भी इस प्राचीन मार्ग पर पड़ने वाले हनुमान जी और गणेश जी के मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य कराया जा रहा है।
15 करोड़ से जीर्णोद्धार
कुछ ही समय पहले नगरोटा विधायक देवयानी राणा ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मां वैष्णो देवी प्राचीन यात्रा मार्ग के जीर्णोद्धार के संबंध में पूछा था। संस्कृति विभाग की ओर से यह कार्य बजट की उपलब्धता पर 15 करोड़ में कराए जाने की जानकारी दी गई।
प्रोजेक्ट से वन विभाग को जोड़ा
इनटेक की जम्मू यूनिट ने वैष्णो देवी प्राचीन यात्रा मार्ग पर छोटी वाटिकाएं स्थापित करने, रंग-बिरंगे पौधे लगाए जाने और अन्य गतिविधियों के लिए वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया था। यूनिट के कन्वीनर एसएम साहनी बताते हैं कि इस संबंध में प्रोजेक्ट बनाकर मंजूरी को भेजा गया है।





