30 कूल रूम, 330 एंबुलेंस तैयार… जानें हीट वेव से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की क्या है तैयारी?

दिल्ली में बढ़ती गर्मी और लू को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हीट वेव एक्शन प्लान 2026 की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गर्मी से बचाव के सभी इंतजाम जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होने चाहिए।

बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के मद्देनजर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हीट वेव एक्शन प्लान 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि गर्मी से बचाव के सभी इंतजाम जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होने चाहिए और जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि गर्मी से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों का असर सीधे तौर पर जनता को दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक हीट वेव से होने वाली मौतों को शून्य तक लाना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि इस दिशा में हर स्तर पर पुख्ता, समयबद्ध और जमीनी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में सीएम ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध हों और एंबुलेंस में आवश्यक उपचार सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके तहत 30 से अधिक अस्पतालों में कूल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां लू के मरीजों का उपचार किया जा सकेगा। 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को ओआरएस, आइस पैक और आवश्यक दवाओं से सुसज्जित किया गया है। 174 चिकित्सा अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। 330 एंबुलेंस को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने वाटर कूलर, वाटर एटीएम और टैंकरों की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए। दिल्ली पुलिस की ओर से 11,000 से अधिक एयर कूलर और 1,900 वाटर कूलर लगाए जा चुके हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस ओआरएस पैकेट का वितरण कर रही है। स्कूलों में बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों और अन्य बाहरी कार्यों में लगे लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि दोपहर के अत्यधिक गर्म समय में कार्य से बचाव, पर्याप्त विश्राम, छाया, पेयजल और ओआरएस की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश
अस्पतालों में पर्याप्त बेड उपलब्ध हों
जन-जागरूकता अभियान तुरंत चलाया जाए
एम्बुलेंस में हीटवेव उपचार की पूरी सुविधा रहे
सभी स्कूलों में वॉटर बेल प्रणाली लागू हो
अस्पतालों, स्कूलों, कंस्ट्रक्शन साइटों, अटल कैंटीनों, पुलिस थानों, पोस्ट ऑफिसों और डीटीसी बस स्टैंडों पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो
सभी स्थानों पर ORS की व्यवस्था सुनिश्चित हो
साथ ही टैंकर, वॉटर कूलर और वॉटर एटीएम निर्बाध चलें
पशु-पक्षियों के लिए भी छाया और पानी की समुचित व्यवस्था हो
जनता की सुविधाओं को सर्वोपरि रखते हुए समय पर सभी तैयारियां पूर्ण की जाएं।

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