केंद्र और उमर सरकार के बेहतर रिश्ते का नतीजा, जम्मू-कश्मीर को मिली 5,000 करोड़ की साैगात

केंद्र से जम्मू-कश्मीर को पांच हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की साैगात मिली है। इसे केंद्र और उमर सरकार के बेहतर रिश्ते का नतीजा माना जा रहा है। इस मदद से यूटी की वित्तीय स्थिति को मजबूती और सरकार को विकास योजनाएं बिना बाधा के आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। खासकर सड़क, बिजली, जलापूर्ति, शहरी विकास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने हाल ही में बजट जरूरतों और विकास परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सहायता का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। केंद्र ने सकारात्मक निर्णय लेते हुए पांच हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री ने इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है।

पांच हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता राशि से केंद्र शासित प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। परियोजनाओं को समय से पूरा करने व बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में सहायता मिलने के साथ ही सतत समृद्धि के लिए स्थायी अवसर सृजित होंगे। यूटी के मजबूत आर्थिक विकास को गति मिलेगी। -मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल

यह समय पर लिया गया बेहद अहम निर्णय है। इससे विकास प्रयासों को मजबूती मिलेगी। बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी आएगी। जनकल्याण की योजनाओं को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री

स्वास्थ्य व न्याय विभाग के 130 नए पद मंजूर
प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में वीरवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के कई विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। न्याय व स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के लिए 130 नए पदों के सृजन पर सहमति बनी।

निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय खोलने के लिए विधेयक लाने पर भी सहमति बनी। माना जा रहा है कि इसी सत्र में सरकार विधेयक ला सकती है। सूत्रों के मुताबिक दो पुल बनाने भी पर सहमति बनी है। इनमें से एक पुल श्रीनगर में तो दूसरा गांदरबल में बनेगा। 144 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से श्रीनगर के राजबाग में झेलम दरिया के ऊपर, संगामल कॉम्प्लेक्स से राजबाग पुलिस स्टेशन तक पुल का निर्माण किया जाएगा।

गांदरबल में गुझमा-शिलवट पुल की अधूरी परियोजना को पूरा करने का भी रास्ता साफ हो गया है। क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए यह पुल बेहद अहम है। इसके अलावा बांदीपोरा में एक ग्रिड स्टेशन खोले जाने पर सहमति बनी। बैठक में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी व अन्य मंत्री उपस्थित थे।

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