ईरान ने हमलों के लिए जारी की पश्चिम एशिया के बिजली-जल संयंत्रों की सूची

अमेरिका ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उस अल्टीमेटम को पूरा होने में कुछ ही घंटे का समय बाकी है। इस बीच ईरान ने पश्चिम एशिया के बिजली और जल संयंत्रों पर हमले की धमकी दी है और इन ठिकानों की सूची जारी की है।
अमेरिका के ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी दी गई थी, जिसके जवाब में ईरान ने भी पूरे पश्चिम एशिया के ऊर्जा और जल संयंत्रों पर हमले की धमकी दी थी। अब ईरान ने अपनी धमकी को दोहराते हुए पश्चिम एशिया के ऊर्जा ठिकानों और जल संयंत्रों की सूची जारी की है। ईरान के मीडिया ने ये सूची जारी की है, जिससे साफ है कि ईरान को अपने लक्ष्यों की पूरी जानकारी है। इससे पश्चिम एशिया के देशों में यकीनन चिंता और डर का माहौल है।
ईरानी मीडिया ने जारी की सूची
ईरान की सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी, जो ईरान के आईआरसीजी की करीबी मानी जाती है, ने पश्चिम एशिया के ऊर्जा और जल संयंत्रों की सूची जारी की है। इसमें मध्य पूर्व के कई अहम बिजली और जल शोधन (डिसैलिनेशन) संयंत्र शामिल हैं। इस सूची में संयुक्त अरब अमीरात का बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी शामिल है, जिसमें चार रिएक्टर हैं और जो सऊदी अरब की सीमा के पास पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में स्थित है।
ईरान की न्यायपालिका से जुड़ी मिजान न्यूज एजेंसी ने भी इसी तरह की सूची प्रकाशित की है। तेहरान की इस चेतावनी से खाड़ी देशों में बिजली और पानी की आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि इन रेगिस्तानी देशों में बिजली संयंत्र और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले प्लांट बेहद अहम हैं।
पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल सकता है युद्ध
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम मंगलवार आधी रात को खत्म हो रहा है। अगर ट्रंप अपने कहे अनुसार, ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाते हैं तो इसके जवाब में ईरान भी पश्चिम एशिया के ऊर्जा ठिकानों और जल संयंत्रों को निशाना बना सकता है, जिससे यह युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलने का खतरा है। पहले ही ईरान युद्ध के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित चल रही है, जिससे दुनियाभर में तेल और गैस के दाम बढ़े हुए हैं।





