महीने का खर्च संभालने के काम आते हैं ये 4 Apps, रखते हैं पेमेंट्स का रिकॉर्ड

डिजिटल पेमेंट ने हमारी जिंदगी आसान कर दी है। लेकिन ऑनलाइन पेमेंट के जमाने में खर्चों को ट्रैक करना थोड़ा मुश्किल है। जैसे एक प्रॉब्लम ऑटो-रिन्यू सब्सक्रिप्शन का होता है। लोकलसर्किल्स के एक सर्वे में ये बात सामने आई कि आधे यूजर्स को अपने OTT या दूसरे सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने में मुश्किल होती है, क्योंकि कैंसिलेशन ऑप्शन छिपा होता है। इसी तरह, ऑनलाइन पेमेंट में भी कई चैलेंज होते हैं जिनसे महीने का खर्च बढ़ जाता है। अच्छी बात ये है कि इस रिकॉर्ड को समझने के लिए हमारे पास कई टूल्स और एप्स हैं जो मददगार हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
ये 4 एप्स आपके घर का बजट बनाएंगे
- गुडबजट: खर्च की लिमिट पहले से तय करें
गुडबजट एप में हर खर्च के लिए एक तय लिमिट पहले से तय की जा सकती है। लिमिट खत्म होते ही वॉर्निंग मिलती है और फालतू खर्च से बचा जा सकता है।
अलग-अलग कैटेगरी के डिजिटल लिफाफे बनाने से हर तरह का खर्च अलग रहता है। ये बजट कंट्रोल में मददगार होता है, क्योंकि हर कैटेगरी का हिसाब साफ दिखता है।
- वॉलनट: एक ऐसा एप जो खर्चों को ऑटोमैटिकली ट्रैक करता है
वॉलनट या एक्सियो (axio) एक ऐसा ऐप है जो मोबाइल पर आने वाले बैंक नोटिफिकेशन और ट्रांजैक्शन अलर्ट को पढ़कर खर्चों को ऑटोमैटिकली रिकॉर्ड करता है। इससे खर्च का पूरा रिकॉर्ड दिखता है।
खाना, शॉपिंग, ट्रैवल जैसी कैटेगरी बनाकर एप खर्चों को अलग-अलग सेक्शन में दिखाता है। महीने का चार्ट-ग्राफ देखकर समझ आता है कि सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च हुआ।
- मनी व्यू: आपको फाइनेंशियल सुझाव देता है
मनी व्यू खर्चों के साथ-साथ आपके फाइनेंशियल बिहेवियर को एनालाइज करता है। ये पिछले महीनों से तुलना करके बताता है कि किस चीज पर खर्च बढ़ा या घटा। लोन और EMI की जानकारी एक ही जगह दिखती है, जिससे पेमेंट आसान हो जाता है। खर्च के आधार पर सुझाव मिलते हैं, जिससे बजट को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। - स्पेंडिंग ट्रैकर: महीने का बजट बनाता है
स्पेंडिंग ट्रैकर एक आसान एप है जिसमें यूजर हर खर्च खुद डालता है। इससे खर्च पर सीधा कंट्रोल रहता है और पूरा रिकॉर्ड एक ग्राफ में दिखता है। इसमें महीने का बजट सेट किया जा सकता है ताकि खर्च एक तय लिमिट में रहे। पर्सनल जानकारी सुरक्षित रहती है क्योंकि एप बिना मैसेज पढ़े भी काम कर सकता है।
पहले सब्सक्रिप्शन का ऑडिट करें
OTT, म्यूजिक, क्लाउड और एप मेंबरशिप जैसे कई खर्च अकाउंट से कटते रहते हैं और अक्सर उन पर ध्यान नहीं जाता। इन्हें चेक करने के लिए, बैंक एप के ऑटो-डेबिट या मैंडेट सेक्शन में जाएं और सभी रेगुलर पेमेंट की लिस्ट बनाएं। जिन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, उनकी मेंबरशिप कैंसिल कर दें। हर 4-5 महीने में एक बार इस तरह सब्सक्रिप्शन क्लीनअप करें।





