सीएम नीतीश ने परिवहन विभाग को दिए पांच निर्देश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर पैदल चलने वाले यात्रियों की परेशानी पर बात की। उन्होंने लिखा कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के बाद सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। सात निश्चय-3 (2025-30) के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ तहत राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं। इसी क्रम में सड़कों पर पैदल चलने वाले नागरिकों के सम्मान एवं सुविधा के लिए भी हमलोगों ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
बिहार प्रगति के पथ पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्रगति के पथ पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। राज्यवासियों की आमदनी बढ़ रही है, जिसके कारण राज्य की सड़कों पर दो पहिया-चार पहिया वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है किंतु राज्य की सड़कों पर बढ़ते वाहनों की वजह से सड़कों पर पैदल चलने वाले यात्रियों को असुविधा होती है। सड़क पर सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक चलना पैदल चलने वाले लोगों का पहला अधिकार है। इसे लेकर परिवहन विभाग को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
सड़क सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों में विशेषकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर यथाशीघ्र फुटपाथ बनाने का निर्देश दिया गया है।
सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए चिह्नित जगहों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का निर्देश दिया गया है।
पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए चिह्नित स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज/एस्केलेटर और अंडरपास बनाने का निर्देश दिया गया है।
सभी सरकारी एवं निजी वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है, ताकि वाहन चालक सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील हो सकें।
राज्य के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में अधिक सड़क दुर्घटना की संभावना वाली जगहों को चिह्नित कर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का निर्माण एवं सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि उसका आकलन कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
सीएम ने परिवहन विभाग को तेजी से काम करने का निर्देश दिया
इन पांच प्रदेशों के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को उपरोक्त सभी सुविधाएं जल्द से जल्द मिल सकें, इसे लेकर हमलोगों ने परिवहन विभाग को तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल राज्य की सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन आसान होगा।





