इस वसंत पंचमी भोग के लिए घर पर बनाएं 5 पीले रंग की मिठाइयां

वसंत पंचमी का त्योहार ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस त्योहार पर पीले रंग का खास महत्व है। इसलिए इस दिन सरस्वती पूजा में भी देवी को पीली मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। भोग में आप कई तरह की मिठाइयां शामिल कर सकते हैं, जो पीले रंग की होती हैं। आइए जानें इनके बारे में।

केसरिया मीठे चावल
वसंत पंचमी पर उत्तर भारत में केसरिया भात या मीठे चावल बनाने की सबसे पुरानी परंपरा है। इसे बासमती चावल, चीनी, घी, केसर और ढेर सारे सूखे मेवों से बनाया जाता है। केसर का प्राकृतिक रंग चावलों को गहरा पीला बनाता है। इसमें डाली गई छोटी इलायची और लौंग की खुशबू पूरे घर में फैल जाती है।

बूंदी के लड्डू
भगवान गणेश और देवी सरस्वती दोनों को ही बूंदी के लड्डू बहुत प्रिय हैं। बेसन की छोटी-छोटी बूंदियों को देसी घी में तलकर, केसर वाली चाशनी में डुबोकर ये लड्डू तैयार किए जाते हैं। इन लड्डुओं का सुनहरा पीला रंग वसंत पंचमी के उत्सव के साथ पूरी तरह मेल खाता है। इन्हें घर पर शुद्धता के साथ बनाना आसान है और ये लंबे समय तक ताजे रहते हैं।

केसरिया रसमलाई
जैसा कि हमने पहले चर्चा की, रसमलाई एक शाही और सात्विक मिठाई है। दूध से बने छेने की टिक्कियों को जब केसर और पिस्ते वाली गाढ़ी रबड़ी में भिगोया जाता है, तो इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है। मां सरस्वती को सफेद और पीले रंग की वस्तुएं प्रिय हैं। इसलिए यह भोग के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

बेसन का हलवा
अगर आप कम समय में कुछ बहुत ही स्वादिष्ट और शुद्ध बनाना चाहते हैं, तो बेसन का हलवा सबसे अच्छा विकल्प है। धीमी आंच पर भुने हुए बेसन, घी और चीनी के मेल से बना यह हलवा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबका पसंदीदा है। इसे बनाते समय इसमें थोड़ा सा केसर का पानी डालने से इसका पीला रंग और निखर कर आता है।

पीली राजभोग
राजभोग दिखने में रसगुल्ले जैसा होता है, लेकिन आकार में बड़ा और रंग में पीला होता है। इसके सेंटर में अक्सर केसर, ड्राई फ्रूट्स और इलायची का मिश्रण भरा जाता है। राजभोग को शुद्ध छेना से बनाया जाता है, इसलिए इसे फलाहार के रूप में भी शुद्ध माना जाता है। इसका केसरिया रंग और रसभरा स्वाद मां सरस्वती को अर्पित करने के लिए बेहतरीन है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button