भारत ने संभाली ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता

इस साल भारत ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सम्मेलन का थीम और लोगो का अनावरण किया। यही नहीं ब्रिक्स के गठन को भी 20 साल पूरे हो रहे हैं।
भारत ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से ब्रिक्स आर्थिक समूह की अध्यक्षता संभाल ली। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता और बदलती चुनौतियों के बीच भारत ने 10 सदस्यीय इस समूह की अपनी अध्यक्षता को नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता की आधिकारिक थीम, लोगो और वेबसाइट का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने जन-केंद्रित दृष्टिकोण और सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ब्रिक्स को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना होगा। यह चौथी बार है जब भारत इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले भारत ने 2012, 2016 और कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण दौर में 2021 में भी ब्रिक्स की कमान संभाली थी।
भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के दौरान वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, विकासशील देशों की आवाज को सशक्त बनाने और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में आवश्यक सुधारों को आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है। आज नई दिल्ली में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित एक समारोह में जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स की अध्यक्षता “समूह के सदस्य देशों की क्षमता को एक साथ लाकर वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देने की कोशिश करेगी।
ब्रिक्स ने पूरे किए 20 साल
विदेश मंत्री ने कहा कि 2026 में ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर लेगा। इस दौरान यह समूह उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित हुआ है। ब्रिक्स नाम इसके संस्थापक सदस्य देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से बना है, जबकि मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया बाद में इस फोरम के पूर्ण सदस्य बने।
‘कमल’ है ब्रिक्स लोगो
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान समिट का लोगो भारत का राष्ट्रीय फूल- कमल है। लोगो के बीच का हिस्सा ‘नमस्ते’ अभिवादन पर केंद्रित है। इसे विदेश मंत्रालय द्वारा सरकार के सिटीजन एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म पर शुरू किए गए एक ओपन कॉन्टेस्ट के जरिए चुना गया था। अंत में सुदीप सुभाष गांधी के लोगो को चुना गया। उन्होंने कहा, चूंकि भारत 8वें ब्रिक्स का मेजबान है, इसलिए हमने बीच में भारतीय अभिवादन ‘नमस्ते’ को शामिल किया है। नमस्ते किसी के आने पर उसका स्वागत करने और सम्मान करने का एक तरीका है।





