मील का पत्थर: पंजाब से अनाज लेकर पहली बार अनंतनाग पहुंची मालगाड़ी

कश्मीर की खाद्य सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की पहली खाद्यान्न मालगाड़ी रविवार को अनंतनाग गुड्स टर्मिनल पहुंची। इस अवसर को कश्मीर के रेल एवं आपूर्ति नेटवर्क के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

यह मालगाड़ी पंजाब के फिरोजपुर डिवीजन स्थित अजीतवाल स्टेशन से रवाना की गई थी। इसमें 21 कवर वैगनों में करीब 1,384 टन आवश्यक खाद्यान्न लादा गया है। अधिकारियों के अनुसार, रेल परिवहन के माध्यम से खाद्यान्न की आपूर्ति अब अधिक तेज, सस्ती और निर्बाध होगी। एफसीआई के डिविजनल मैनेजर केएन मीणा ने मालगाड़ी का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के बार-बार बंद होने के कारण पहले खाद्यान्न आपूर्ति में कई समस्याएं आती थीं लेकिन अब रेल सेवा से इस चुनौती का समाधान होगा।

अनंतनाग गुड्स टर्मिनल का उद्घाटन इसी वर्ष 9 अगस्त को उत्तरी रेलवे के जम्मू डिवीजन के तहत किया गया था। इससे पहले यह टर्मिनल सीमेंट और अन्य औद्योगिक माल की ढुलाई संभाल चुका है लेकिन पहली बार खाद्यान्न रैक के आगमन ने इसकी अहमियत को और बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह पहल कश्मीर के दूरदराज और दुर्गम इलाकों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही इससे उपभोक्ताओं और किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में कश्मीर के लिए और अधिक मालगाड़ियों के संचालन की योजना है जिससे घाटी का राष्ट्रीय फ्रेट नेटवर्क से एकीकरण और मजबूत होगा।

यह मालगाड़ी पंजाब-कश्मीर के बीच आर्थिक सेतु का काम करेगी
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यह अनाज से भरी मालगाड़ी बिना किसी बाधा व सड़क परिवहन के मुकाबले बहुत ही कम समय में पंजाब से कश्मीर पहुंची हैं। यह रेलवे के लिए गर्व का क्षण है। यह मालगाड़ी पंजाब और कश्मीर के बीच आर्थिक सेतु का काम करेगी। आने वाले समय में रेलवे द्वारा भारतीय खाद्य निगम की खाद्यान्न मालगाड़ियों का संचालन अर्थव्यवस्था को आधारभूत संरचना देने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। इससे सड़क परिवहन की तुलना में माल और खाघान्न की आवाजाही में कम समय लगता है। इस पहल से भीड़भाड़ वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 44 में यातायात का दवाब भी कम होगा।

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