विदेशी मेहमानों के कलरव से घराना वेटलैंड हुआ गुलजार, प्रवासी पक्षियों ने पर्यटकों को किया मंत्रमुग्ध

जम्मू के घराना वेटलैंड में साइबेरियन हंस, राजहंस और अन्य प्रवासी पक्षियों के आगमन से पर्यटक और स्थानीय लोग मंत्रमुग्ध हैं। करीब तीन-चार हजार पक्षी तालाब में अठखेलियां कर रहे हैं।

कई देशों की सरहदें और गगन चुंबी हिमालय को पार कर विदेशी मेहमान जम्मू की आबोहवा में कुछ समय के लिए पहुंच चुके हैं। इनके कलरव से घराना गुलजार हो उठा है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे घराना वेटलैंड की जलवायु साइबेरियन हंसों, कामनकूट, पर्पल हैरॉन्स, तिदारी, मुर्गाबी, बेखुर बतख व राजहंस सरपट्टी सवन को खूब भा रही है।

तालाब में अठखेलियां कर ये प्रवासी परिंदे पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। करीब तीन से चार हजार सरपट्टी सवन दिन भर तालाब में उतर रहे हैं। हालांकि सुबह-शाम इन पक्षियों का सीमा के उस पार पाकिस्तान में भी आना-जाना लगा रहता है। अधिकतर समय ये घराना में ही गुजार रहे हैं। इन विदेशी मेहमानों को निहारने के लिए पर्यटक के साथ स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी भी पहुंच रहे हैं। जम्मू से पहुंचीं कावेरी शर्मा ने बताया कि यहां तक पहुंचना मुश्किल है।

अधिकतर लोग अपने वाहन लेकर ही पहुंच पाते हैं। सरकार की ओर जम्मू से ई-बस लगाई गई थी लेकिन अब बस नहीं आने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विकास रैना ने बताया कि यहां एक साथ हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी देखना अच्छा अनुभव रहा। वन्य जीव संरक्षण विभाग ने यहां बेहतर व्यवस्था की है।

मुख्य सचिव ने विकास कार्यों का लिया जायजा
मुख्य सचिव अटल डुल्लू भी रविवार को घराना वेटलैंड में पहुंचकर विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने यहां कुछ समय बिताकर प्रवासी पक्षियों को देखो। डुल्लू ने प्रेसवार्ता में कहा कि वह यहां पर चल रहे कार्य को देखने के लिए आए थे। स्थानीय किसान प्रवासी पक्षियों की ओर खेतों में गेहूं की फसल नष्ट करने की शिकायत कर रहे हैं। इसके लिए वन्यजीव संरक्षण विभाग के कर्मचारी दिन-रात नजर रख रहे हैं।

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