गैंगरेप एंड मर्डर: इस तकनीक से पता चलेगा पुलिस की थ्योरी सही या…


डीएनए के महत्व के बीच शनिवार को पुलिस ने कुछ आरोपियों के डीएनए सैंपल लिए। सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए सभी आरोपियों के सैंपल फोरेंसिक लैब जुन्गा भेजे जाएंगे।
इसके बाद ही पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रही अफवाहों पर विराम लग सकेगा। सूत्रों का कहना है कि पुलिस लगातार दावा करती रही है कि मामले का सही खुलासा हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर गुड़िया का शव जंगल में पड़ा था तो दो दिन तक किसी जानवर ने उसे खाया क्यों नहीं। वहीं, शाम को हुई इस वारदात की आवाज किसी को क्यों सुनाई नहीं दी, जबकि पुलिस ने जब सीन री क्रिएट किया तो पास की एक अस्थायी बस्ती से लोगों की आवाज आ रही थी।
जाहिर है गुड़िया ने बचने के लिए शोर मचाया होगा, तब भी किसी को सुनाई क्यों नहीं दिया। इन सारे सवालों का पुलिस के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। यही वजह है कि पुलिस अब सिर्फ डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।






