बुरहान की बरसी पर कश्मीर में तनाव, कड़े सुरक्षा इंतजाम, रेल-इंटरनेट बंद

आतंकी बुरहान वानी की पहली बरसी पर हिंसा की आशंका तथा अलगाववादियों के बंद के आह्वान पर घाटी में भारी फोर्स तैनाती की गई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर के साथ ही दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग और पुलवामा तथा उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है।

किसी के भी बाहर निकलने तथा वाहनों के चलने पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, आपात सेवा तथा कर्मचारियों को इस सेवा से मुक्त रखा गया है। हुर्रियत (जी) प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी, हुर्रियत (एम) प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक सहित सभी प्रमुख अलगाववादियों को नजरबंद रखा गया है।
अलगाववादियों के शनिवार को त्राल चलो आह्वान को देखते हुए बुरहान के पैतृक आवास त्राल को सील कर दिया गया है। बनिहाल से बारामुला के बीच ट्रेन सेवा स्थगित कर दी गई है। इंटरनेट सेवा ठप है। सोशल साइट्स को ब्लाक कर दिया गया है और हाई स्पीड इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है। माहौल बिगाड़ने की साजिश के मद्देनजर शिक्षण संस्थानों को एहतियातन बंद कर दिया गया है।
श्रीनगर के पांच थाना क्षेत्रों नौहट्टा, एमआर गंज, रैनावारी, खानयार तथा सफाकदल में धारा 144 लगाई गई है। इसके साथ ही दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा तथा शोपियां में भी पाबंदियां हैं। त्राल तथा आसपास के इलाकों में बाइक भी सीज किए जा रहे हैं, ताकि लोग पहुंच न सकें।
राज्य के डीजीपी डा. एसपी वैद ने बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है। सुरक्षा बलों को सतर्क रखा गया है। चप्पे-चप्पे पर पहरा है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ज्ञात हो कि पिछले साल आठ जुलाई को बुरहान वानी मुठभेड़ में मारा गया था। इसके बाद लगभग पांच महीने तक घाटी में हिंसा का दौर चला था। हिंसक झड़पों में 85 लोगों की जान चली गई थी और एक हजार से अधिक लोग घायल हुए थे।





