कुमार विश्वास के खिलाफ जो सोशल मीडिया पर हो रहा उसके खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे केजरीवाल!

आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास बेशक राजस्थान के चुनावी मैदान में उतरने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हों। लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लेकर पार्टी के ज्यादातर वरिष्ठ नेताओं ने विश्वास से दूरी बना रखी है।
कुमार विश्वास के खिलाफ जो सोशल मीडिया पर हो रहा उसके खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे केजरीवाल!
 
यहां तक कि पार्टी के आधिकारिक फोरम पर भी राजस्थान में आप की गतिविधियों पर ज्यादा सक्रियता नहीं है। दरअसल, राजस्थान प्रभारी कुमार विश्वास ने 25 जून को जयपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाया था।

अपने स्तर पर उन्होंने इसका प्रचार भी किया था। लेकिन अरविंद केजरीवाल समेत सोशल मीडिया पर सक्रिय दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने विश्वास के मुहिम से दूरी बना रखी है। पार्टी के किसी भी नेता ने कुमार विश्वास के किसी पोस्ट को रि-ट्वीट नहीं किया।

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मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आशीष खेतान, दिलीप पांडे, गोपाल राय और आशुतोष जैसे प्रमुख नेताओं ने भी सम्मेलन में दिलचस्पी नहीं दिखाई। विश्वास के अलावा किसी बड़े नेता ने न तो सम्मेलन में शिरकत की और नहीं सम्मेलन पर कोई टिप्पणी की।

कोई नेता नहीं दे रहा बयान

दिलचस्प यह कि आधिकारिक तौर पर कोई नेता इस पर बयान देने को भी तैयार नहीं है। दूसरी तरफ कुमार विश्वास अपनी तरफ से मुहिम को आगे बढ़ाने में काफी एहतियात बरत रहे हैं।

दिल्ली की पहली बैठक में दिल्ली के किसी भी नेता की तस्वीर नहीं लगाने की सलाह राजस्थान के कार्यकर्ताओं को देने वाले विश्वास ने कार्यकर्ता सम्मेलन में केजरीवाल की तस्वीर को बखूबी इस्तेमाल किया। सम्मेलन के सभी बैनर-पोस्टर पर सिर्फ केजरीवाल की तस्वीर लगाई थी।

हालांकि, पोस्टर पर नाम कुमार विश्वास का था। बता दें कि पार्टी के भीतर कुमार विश्वास का विरोध रहा है। विधायक अमानतुल्लाह खान के विरोध का सुर उठाने के बाद प्रवक्ता दिलीप पांडेय, कोषाध्यक्ष दीपक वाजपेयी समेत मीडिया सेल से जुड़े दूसरे पदाधिकारियों ने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से विश्वास पर हमला बोला है।

वहीं, विश्वास भी इशारे-इशारे में चार-पांच नेताओं के पार्टी पर हावी होने की चुटकी लेते रहे हैं। दोनों खेमे से जुबानी हमले के बावजूद पार्टी कुमार विश्वास पर अभी कोई बड़ा फैसला करने को तैयार नहीं है।      

 
 
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