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जम्मू-कश्मीर में वाहनों की मैनुअल पासिंग बंद कर स्वचालित परीक्षण केंद्रों से फिटनेस जांच की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सड़क हादसों को रोका जा सकेगा।
जम्मू-कश्मीर में वाहनों की मैनुअल आधार पर पासिंग बंद होगी। इसके स्थान पर अब स्वचालित परीक्षण केंद्र (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) में वाहनों की पासिंग की जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने केंद्र शुरू करने के लिए इच्छुक लोगों से आवेदन मांगे हैं। हर जिले में एक केंद्र खोलने की योजना है, ताकि प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांच में पारदर्शिता लाई जा सके।
प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने में यह योजना काफी मददगार साबित होगी। जिला स्तर पर वाहनों की जांच स्वचालित व वैज्ञानिक तरीके से करने के लिए नवीनतम उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। मशीन-आधारित परीक्षण से अधिक पारदर्शिता आएगी। मोटर वाहन निरीक्षकों (एमवीआई) की ओर से आरटीओ स्तर पर मैनुअल परीक्षण बंद किए जाएंगे।
इससे वाहनों की फिटनेस जांच में किसी तरह की कोताही नहीं होगी। अभी वाहनों की फिटनेस जांच मैनुअल होती है। एमवीआई वाहन के इंजन से लेकर अन्य पुर्जों की जांच स्वयं करता है। इस पर हमेशा से प्रश्न उठते रहे हैं। अब केंद्र खुलने से इस तरह की शिकायतें बंद होंगी। फिलहाल आवेदन मांगे गए हैं।
सुविधा शुरू होने में समय लगेगा। परिवहन आयुक्त विशेषपाल महाजन ने कहा कि यह उन लोगों के लिए एक अवसर है, जो रोजगार प्रदाता बनना चाहते हैं। इससे सिर्फ योग्य वाहन ही सड़क पर दौड़ सकेंगे। लोग परिवहन आयुक्त कार्यालय जम्मू और श्रीनगर में आवेदन कर सकते हैं।
कम से कम दो लेन के होंगे एटीएस
हर जिले में बनने वाली स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) दो लेन के होंगे। एक लेन तिपहिया, हल्के वाहनों और दूसरी लेन मध्यम, भारी वाहनों के लिए होगी। इसके लिए न्यूनतम दो एकड़ भूमि अनिवार्य होगी। आवेदक इच्छानुसार दोपहिया लेन की भी स्थापना कर सकते हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद दस साल के लिए लाइसेंस मिलेगा। इसके बाद उसका नवीनीकरण किया जा सकेगा।





