जम्मू-कश्मीर: लापता जवान भी बलिदान, परिवार करता रहा सकुशल लौटने का इंतजार

लापता जवान जसवंत सिंह की शहादत की खबर परिवार को सोशल मीडिया और स्थानीय जानकारी से मिली, लेकिन परिवार अब भी सकुशल लौटने की उम्मीद में था।

जुथाना के सुफैन स्थित अंबे नाला में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान लापता हुए जवान गांव लौंडी के जसवंत सिंह भी बलिदान हो गए। देर शाम तक परिवार को उम्मीद थी कि वह जीवित होंगे और लौट आएंगे। परिवार के लोग शहादत की खबर को सच मानने को तैयार नहीं थे। गांव के लोग उनके सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार को अभी तक सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर ही यह जानकारी मिली है।

जसवंत सिंह के पिता अंग्रेज सिंह ने कहा, हमें कुछ स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि मेरा बेटा मुठभेड़ में बलिदान हो गया है, लेकिन जब हमने अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया तो किसी ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। कभी कहा जाता है कि वह लापता हैं, तो कभी बताया जाता है कि उन्हें जम्मू ले जाया गया है। परिवार के एक रिश्तेदार जब्बार सिंह ने बताया, अभी तक परिवार को कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। पूरा परिवार असमंजस में है। अधिकारियों की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। ऐसे में परिवार को उनके सकुशल लौटने की उम्मीद है।

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