जम्मू-कश्मीर: सांबा में आतंकियों के देखे जाने के बाद बढ़ी सतर्कता

हीरानगर में आतंकियों की मौजूदगी के बाद सांबा जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी चौकसी व नाकाबंदी की गई है।

हीरानगर के सीमावर्ती गांव सन्याल में चार आतंकियों को देखे जाने के बाद सांबा जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी चौकसी कर दी गई है। पुलिस व बीएसएफ के जवानों को पाकिस्तान की ओर बहने वाले नदी नालों पर बने पुलों पर नाके लगा कर सतर्क रहने को कहा गया है। सोमवार को दिन भर पुलिस व सुरक्षा बलों के जवान नदी नालों को खंगालते रहे। हर आने जाने वालों की गहन जांच कर ही आगे जाने दिया गया। रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सांबा जिले की भारत पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों की हमेशा ही नजर रहती है।

यही कारण है कि सांबा की सीमा से घुसपैठ के काफी प्रयास किए गए हैं। पाकिस्तान की ओर बहने वाला बाई नाला सांबा व हीरानगर के साथ लगता है। सूत्रों का कहना है कि इसी नाले से घुसपैठ की आशंका बनी हुई है। जिस क्षेत्र में संदिग्ध देखे गए हैं, गत वर्ष 1993 में भी दो आतंकवादियों को इसी गांव में मार गिराया गया था। सूत्रों के अनुसार यहां से पांच किलोमीटर दूरी पर भारत पाक सरहद है।

उस पार पाकिस्तान की सुकमाल पोस्ट है। वहां पर आतंकवादियों के लिए लांचिंग पैड बनाया गया है। इसी स्थान पर उन्हें बैठाया जाता है। रेकी करने के बाद उन्हें भारतीय सीमा में घुसपैठ करवाई जाती है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी के अनुसार सीमा से घुसपैठ कर पाना आसान नहीं है। समय-समय पर उनके जवान एंटी टनल अभियान चलाते आ रहे हैं। एसएसपी वरिंद्र मन्हास गत शाम से ही सीमावर्ती क्षेत्र में अपने अधिकारियों के साथ डेरा जमाए हुए हैं।

सांबा-कठुआ पुराना बाॅर्डर मार्ग बंदसांबा-कठुआ पुराना बाॅर्डर मार्ग को गत शाम से ही बंद कर दिया गया था। पंजाब से आने वाले वाहनों को हाईवे की ओर भेजा गया। सोमवार को दिन भर बाॅर्डर मार्ग पर कोई भी वाहन नहीं चला। शेरपुर से लेकर तरनाह नाले तक आवाजाही बंद रखी गई। पंजाब व कठुआ की ओर जाने के लिए इस मार्ग पर हर रोज सैकड़ों वाहन चलते हैं, जिन्हें आज इस मार्ग से नही जाने दिया गया।

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