अकेले पड़े जीतू यादव, खुद इस्तीफा नहीं देते तो पार्टी कर देती निलंबित!

इंदौर: मालिनी गौड़ ने कालरा के परिजनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलवाया तो दूसरे दिन यादव भी अपने समर्थकों के साथ इंदौर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उसके वीडियो भी अपने पक्ष में सोशल मीडिया पर खूब वायरल कराए।

पार्षद कालरा के घर हमले और उनके नाबालिग बेटे के साथ की गई हरकत के कारण एमआईसी मेंबर जीतू यादव की राजनीतिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। अनुशासन समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

संगठन यादव के खिलाफ एक्शन लेता, उससे पहले उन्होंने ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और एमआईसी मेंबर पद से इस्तीफा दे दिया। इसके अलावा जीतू के पास कोई चारा भी नहीं था,क्योकि संगठन की तरफ से भी जीतू के खिलाफ कार्रवाईकी तैयारी हो चुकी थी।

पार्षद कालरा के घर हुए विवाद के बाद जीतू यादव को उनके राजनीतिक आका ही मदद के लिए तैयार नहीं थे, क्योकि घर में घुसकर नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत से वे खुश नहीं थे और पूरे मामले में चुप्पी साध रखी थी। मामला ज्यादा तूल नहीं पकड़ता, लेकिन यादव खेमे की तरफ से ही इस मामले को हवा दी गई। नाबालिग बच्चे के साथ की गई हरकत की वीडियो उनके समर्थकों ने ही वायरल की।

जब मालिनी गौड़ ने कालरा के परिजनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलवाया तो दूसरे दिन यादव भी अपने समर्थकों के साथ इंदौर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उसके वीडियो भी अपने पक्ष में सोशल मीडिया पर खूब वायरल कराए।

इसके बाद कालरा खेमे की तरफ से भी काॅल रिकार्डिंग वायरल करना शुरू हो गई और मामला भोपाल तक पहुंच गया। बताते है कि नाबालिग बच्चे को नग्न करने के मामले में पीएमअेा कार्यालय से भी रिपोर्ट मंगाई गई थी। इसके बाद मामला और गंभीर होता गया। अतत: यादव को इस्तीफा देना पड़ा।

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