योगेश्वर दत्त का बड़ा एलान, कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद लेंगे संन्यास

लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त जल्द ही कुश्ती से संन्यास लेने वाले हैं। ऑस्ट्रेलिया में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में वह आखिरी बार कुश्ती लड़ते दिखाई देंगे। 

योगेश्वर दत्त का बड़ा एलान, कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद लेंगे संन्यास

योगेश्वर ने कहा कि अब वह खुद कुश्ती लड़ने की जगह देश के लिए नए पहलवान तैयार करेंगे। हालांकि, उनकी इच्छा है कि वह स्वर्ण पदक के साथ कुश्ती कॅरियर से विदाई लें। इसके लिए वह लगातार प्रैक्टिस कर रहें हैं। योगेश्वर दत्त ने संन्यास लेने का फैसला उम्र बढ़ने के साथ चोट से जूझने के कारण लिया है।

ओलंपिक में एक बार देश को कांस्य पदक दिलाने वाले हरियाणा के पहलवान योगेश्वर दत्त जब रियो ओलंपिक में गए तो उनसे पदक का रंग बदलकर लाने की उम्मीद थी। लेकिन रियो ओलंपिक में योगेश्वर को पहले ही राउंड में हार झेलनी पड़ी थी। चोट से जूझ रहे योगेश्वर ने रियो जाने से पहले ही साफ कर चुके थे कि वह अगला ओलंपिक नहीं खेलेंगे। 
 कुश्ती में उम्र और फिटनेस अहम
योगेश्वर दत्त ने कहा है कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद संन्यास की तैयारी कर रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स अगले साल की शुरुआत में होंगे। इसमें वह स्वर्ण पदक जीतने का इरादा कर चुके हैं। योगेश्वर कहते हैं कि कुश्ती में उम्र और शरीर को फिट रखना अहम होता है। जब उम्र बढ़ने के साथ चोट ज्यादा परेशान करने लगे तो सोचना पड़ता है। उनके अनुसार किसी भी खिलाड़ी को कोई फैसला लेने के लिए सही समय देखना चाहिए। योगेश्वर जल्द ही 35 साल के होने वाले हैं। इसे वह संन्यास लेने का सही समय मानते हैं। 
 देश के लिए तैयार करेंगे पहलवान
योगेश्वर दत्त संन्यास लेने के बाद भी कुश्ती से दूर नहीं जाएंगे। वह कहते हैं कि देश के लिए बेहतर पहलवान तैयार करने के लिए उन्होंने कुश्ती एकेडमी खोली है। वह अपना अनुभव एकेडमी में भावी पहलवानों में बांटेंगे। योगेश्वर की गोहाना में कुश्ती एकेडमी चल रही है। अकादमी में वह समय पहलवानों को कुश्ती के गुर सिखाते हैं।
योगेश्वर की जगह संभालेंगे बजरंग
योगेश्वर दत्त भले ही कुश्ती को अलविदा कहने की तैयारी कर चुके हों, लेकिन उनकी जगह देश के लिए ऐसा पहलवान तैयार हो चुका है। वह है योगेश्वर के साथी पहलवान बजरंग पूनिया। बजरंग ने पिछले महीने एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता है। वह पहले भी पदक जीतते रहे हैं। योगेश्वर व बजरंग दोनों एक ही भार वर्ग में खेलते हैं।

 
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