सात समंदर पार भारतीय छात्रों को मिला पाकिस्तानी मददगार

air-baggage-1460100412टेक्सास।

एक पाकिस्तानी बिजनेसमैन ने अपनी डील से भारतीयों का दिल जीत लिया है।

खबर अमरीका से आर्इ है मगर धड़कन इसमें हिंदुस्तान आैर पाकिस्तान की है। एक पाकिस्तानी बिजनेसमैन ने सात समुंदर पार बिना किसी स्वार्थ के हिंदुस्तानी छात्रों की मदद कर मिसाल कायम की है।

अमरीका में मुसीबत से बचाया

वाकया 16 मार्च को डलास हवार्इअड्डे काे घटा। अमरीका के टैक्सास में संपन्न एक प्रतियोगिता में भाग लेकर वापस लौट रही एनआर्इटी जमशेदपुर के एयरो डिजाइर छात्रों की टीम को अपने जीवन के सबसे बुरे दुःस्वप्न से गुजरना पड़ा।

डलास एयरपोर्ट के जांच अधिकारियों के मुताबिक उनके साथ लाया गया माॅडल एयरक्राफ्ट का साइज तय मानकों से ज्यादा था। एयरक्राफ्ट के 96 इंच बड़े डैनों का वजन उसके अपने वजन से ढ़ार्इ गुना ज्यादा पाया गया।

260 डाॅलर देकर भारतीय छात्रों को मुश्किल से बचाया

छात्रों को बताया गया कि उन्हें बतौर जुर्माना 260 डाॅलर अतिरिक्त फीस जमा करवानी पड़ेगी अन्यथा वे एयरक्राफ्ट अपने साथ नहीं ले जा सकते। 

छात्र टीम के कप्तान आदित्य बरनावल ने मीडिया को इस अनोखी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

बरनावल के मुताबिक उनके पास उस समय केवल 70 डाॅलर ही उपलब्ध थे। हमने अधिकारियों को बताया कि हम स्टूडेंट हैं इसलिए हमें बिना जुर्माना राशि अदा किए चैक इन करने दिया जाए। लेकिन उनके सभी प्रयास विफल रहे आैर अधिकारियों ने इस मामले में किसी भी तरह की रिआयत देने से मना कर दिया।

बरनावल कहते हैं कि तभी न जाने कहां से एक शख्स सामने आया आैर उनकी जुर्माना राशि भर दी।

पाकिस्तानी बिजनेसमैन की दिलदार डील

असल में छात्रों के साथ ही लाइन में लगा एक पाकिस्तानी शख्स भी इस सारे घटनाक्रम काे बहुत ध्यान से देख-सुन रहा था। पाकिस्तान के करांची शहर में रहने वाले अमाद बिजनेस के सिलसिले अमरीका यात्रा पर थे आैर लाइन में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बरनावल ने बताया कि दिलदार अमाद ने बिना देरी किए वह जुर्माना राशि अदा कर छात्रों को इस मुसीबत से निकाल लिया।

उन्होंने आगे बताया “हमने अमाद से उनका बैंक अकाउंट नंबर लेना चाहा ताकि घर पहुंचकर उनके पैसे लौटा सकें लेकिन उन्होंने कहा कि इसकी कोर्इ जरुरत नहीं है।”

‘फिनिक्स’ नामक यह छात्र समूह 11 मार्च से 13 मार्च के बीच आॅटोमोटिव इंजीनियर्स एयरो डिजाइन द्वारा आयोजित एक में भाग लेेने टेक्सास आया था। इस प्रतियोगिता में शामिल 75 टीमों के बीच फिनिक्स ने 11वां स्थान अर्जित किया था।

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