सावन के अंतिम प्रदोष व्रत पर इस विधि से करें शिव जी का अभिषेक

हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। वहीं, जब यह सावन में पड़े तो इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। आज यानी 17 अगस्त, 2024 को सावन माह का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है, जो भगवान शंकर और देवी पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस मौके पर (Sawan Pradosh Vrat 2024) कठिन व्रत का पालन करने और शिव जी का अभिषेक करने से भोलेनाथ और देवी पार्वती की पूर्ण कृपा प्राप्त होती है, तो चलिए राशि अनुसार भोलेनाथ का अभिषेक कैसे करना है? उसके बारे में जानते हैं।
शिव जी का ऐसे करें अभिषेक
मेष राशि: मेष राशि के लोगों को सावन के अंतिम प्रदोष व्रत पर शिव जी का पानी में गुड़ मिलाकर अभिषेक करना चाहिए।
वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातक को भगवान शंकर का दूध और दही से अभिषेक करना चाहिए।
मिथुन राशि: मिथुन राशि के लोगों को प्रदोष व्रत के दिन भोलेनाथ का शहद से अभिषेक करना चाहिए।
कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को प्रदोष व्रत पर शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए।
सिंह राशि: सिंह राशि के जातक को जल में शहद और गुड़ मिलाकर शंकर भगवान का अभिषेक करना चाहिए।
कन्या राशि: कन्या राशि के लोगों को गंगाजल में बेलपत्र मिलाकर शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।
तुला राशि: तुला राशि के लोगों को दूध से शंकर जी का अभिषेक करना चाहिए।
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातक को पंचामृत और शहद से शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।
धनु राशि: धनु राशि के लोगों को गंगाजल में भांग के पत्ते मिलाकर भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए।
मकर राशि: मकर राशि के लोगों को शिव जी का नारियल के पानी से अभिषेक करना चाहिए।
कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातक को पवित्र जल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।
मीन राशि: मीन राशि के जातक को केसर मिश्रित जल से शिव जी का अभिषेक करना चाहिए।
शिव जी अभिषेक मंत्र
ॐ नमः शिवाय।
ॐ शर्वाय नम:।
ॐ विरूपाक्षाय नम:।
ॐ विश्वरूपिणे नम:।





