नाग देवता की पूजा से दूर होंगी जीवन की सभी बाधाएं

नाग पंचमी का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी का पर्व 9 अगस्त, 2024 दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार पूरे भारत में भक्ति और विभिन्न अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसके साथ ही उनके 108 नामों का जाप करना चाहिए।

ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस दिन तामसिक चीजों से परहेज करते हैं और नाग देवता के नाम से दान-पुण्य करते हैं, उन्हें सुख और शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आ रही सभी रुकावटें दूर होती हैं।

।।नाग देवता के 108 नाम।।

ॐ अनन्ताय नमः ।
ॐ आदिशेषाय नमः ।
ॐ अगदाय नमः ।
ॐ अखिलोर्वेचराय नमः ।
ॐ अमितविक्रमाय नमः ।
ॐ अनिमिषार्चिताय नमः ।
ॐ आदिवन्द्यानिवृत्तये नमः ।
ॐ विनायकोदरबद्धाय नमः ।
ॐ विष्णुप्रियाय नमः ।
ॐ वेदस्तुत्याय नमः ।
ॐ विहितधर्माय नमः ।
ॐ विषधराय नमः ।
ॐ शेषाय नमः ।
ॐ शत्रुसूदनाय नमः ।
ॐ अशेषफणामण्डलमण्डिताय नमः ।
ॐ अप्रतिहतानुग्रहदायिने नमः ।
ॐ अमिताचाराय नमः ।
ॐ अखण्डैश्वर्यसम्पन्नाय नमः ।
ॐ अमराहिपस्तुत्याय नमः ।
ॐ अघोररूपाय नमः ।
ॐ व्यालव्याय नमः ।
ॐ वासुकये नमः ।
ॐ वरप्रदायकाय नमः ।
ॐ वनचराय नमः ।
ॐ वंशवर्धनाय नमः ।
ॐ वासुदेवशयनाय नमः ।
ॐ वटवृक्षार्चिताय नमः ।
ॐ विप्रवेषधारिणे नमः ।
ॐ त्वरितागमनाय नमः ।
ॐ तमोरूपाय नमः ।
ॐ दर्पीकराय नमः ।
ॐ धरणीधराय नमः ।
ॐ कश्यपात्मजाय नमः ।
ॐ कालरूपाय नमः ।
ॐ युगाधिपाय नमः ।
ॐ युगन्धराय नमः ।
ॐ रश्मिवन्ताय नमः ।
ॐ रम्यगात्राय नमः ।
ॐ केशवप्रियाय नमः ।
ॐ विश्वम्भराय नमः ।
ॐ शङ्कराभरणाय नमः ।
ॐ शङ्खपालाय नमः ।
ॐ शम्भुप्रियाय नमः ।
ॐ षडाननाय नमः ।
ॐ पञ्चशिरसे नमः ।
ॐ पापनाशाय नमः ।
ॐ प्रमदाय नमः ।
ॐ प्रचण्डाय नमः ।
ॐ भक्तिवश्याय नमः ।
ॐ भक्तरक्षकाय नमः ।
ॐ बहुशिरसे नमः ।
ॐ भाग्यवर्धनाय नमः ।
ॐ भवभीतिहराय नमः ।
ॐ तक्षकाय नमः ।
ॐ लोकत्रयाधीशाय नमः ।
ॐ शिवाय नमः ।
ॐ वेदवेद्याय नमः ।
ॐ पूर्णाय नमः ।
ॐ पुण्याय नमः ।
ॐ पुण्यकीर्तये नमः ।
ॐ पटेशाय नमः ।
ॐपारगाय नमः ।
ॐ निष्कलाय नमः ।
ॐ वरप्रदाय नमः ।
ॐ कर्कोटकाय नमः ।
ॐ श्रेष्ठाय नमः ।
ॐ शान्ताय नमः ।
ॐ दान्ताय नमः ।
ॐ आदित्यमर्दनाय नमः ।
ॐ सर्वपूज्याय नमः ।
ॐ सर्वाकाराय नमः ।
ॐ निराशयाय नमः ।
ॐ निरञ्जनाय नमः ।
ॐ ऐरावताय नमः ।
ॐ शरण्याय नमः ।
ॐ सर्वदायकाय नमः ।
ॐ धनञ्जयाय नमः ।
ॐ अव्यक्ताय नमः ।
ॐ व्यक्तरूपाय नमः ।
ॐ तमोहराय नमः ।
ॐ योगीश्वराय नमः ।
ॐ कल्याणाय नमः ।
ॐ वालाय नमः ।
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः ।
ॐ शङ्करानन्दकराय नमः ।
ॐ जितक्रोधाय नमः ।
ॐ जीवाय नमः ।
ॐ जयदाय नमः ।
ॐ जपप्रियाय नमः ।
ॐ विश्वरूपाय नमः ।
ॐ विधिस्तुताय नमः ।
ॐ विधीन्द्रशिवसंस्तुत्याय नमः ।
ॐ श्रेयप्रदाय नमः ।
ॐप्राणदाय नमः ।
ॐ विष्णुतल्पाय नमः ।
ॐ गुप्ताय नमः ।
ॐ गुप्ततराय नमः ।
ॐ रक्तवस्त्राय नमः ।
ॐ रक्तभूषाय नमः ।
ॐ भुजङ्गाय नमः ।
ॐ भयरूपाय नमः ।
ॐ सरीसृपाय नमः ।
ॐ सकलरूपाय नमः ।
ॐ कद्रुवासम्भूताय नमः ।
ॐ आधारविधिपथिकाय नमः ।
ॐ सुषुम्नाद्वारमध्यगाय नमः ।
ॐ फणिरत्नविभूषणाय नमः ।
ॐ नागेन्द्राय नमः ॥
॥ इति नाग देवता अष्टोत्तरशतनामावली ॥

Back to top button