हरियाली तीज पर बांके बिहारी स्वर्ण जड़ित हिंडोले पर देंगे दर्शन

देशभर में हरियाली तीज के दिन खास उत्साह देखने को मिलता है। इस खास अवसर पर मंदिरों में भजन-कीर्तन आदि का आयोजन किए जाता है। इस व्रत को विवाहित महिलाएं करती हैं। मान्यता है कि इससे विवाहित महिलाओं का जीवन खुशियों से भर जाता है और पति को लंबी आयु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, कृष्ण भक्त हरियाली तीज के आने का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि यानी हरियाली तीज पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में ठाकुरजी स्वर्ण-रजत के हिंडोले (Golden Hindola Facts) में दर्शन देते हैं। हरियाली तीज का पर्व 07 अगस्त को है। इस दिन बांके बिहारी जी सोने के झूले पर विराजमान होंगे। ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं इसकी खासियत के बारे में।

ये है खासियत

बांके बिहारी जी का झूला 20 किलो सोना और एक कुंतल चांदी से बनाया गया है।

इस हिंडोला को बनाने के लिए 25 लाख रुपये का खर्चा आया था।  

ऐसा बताया जाता है कि हिंडोला 1942 से बनना शुरू हुआ और 1947 में तैयार हुआ।

यह हिंडोला एक प्रकार से आजादी की वर्षगांठ की याद को ताजा करता है।

बांके बिहारी मंदिर दर्शन टाइम (Banke Bihari Mandir Darshan Time)

इस दिन मंदिर में अधिक भीड़ होती है, तो इसके मद्देनजर हरियाली तीज के लिए मंदिर के दर्शन टाइम में बदलाव किया गया है। 07 अगस्त को बांके बिहारी मंदिर के पट तय समय पर ही खुलेंगे। वहीं, दोपहर में 2 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। दर्शन के लिए शाम को मंदिर 5 बजे खुल जाएंगे और रात को 11 बजे मंदिर के पट बंद हो जाएंगे।

सभी मुरादें करते हैं पूरी

बांके बिहारी मंदिर कई रहस्य देखने को मिलते हैं। जैसे कि वर्ष में केवल एक दिन एक दिन मंगला आरती होना, वर्ष में सिर्फ एक बार भगवान बांके बिहारी जी के चरणों के दर्शन होना। इसके अलावा साल में केवल एक बार बंसी और मुकुट धारण करना। मान्यता के अनुसार, साधक जो बांके बिहारी जी से मनोकामनाएं मांगते है। वह पूरी होती हैं।

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