मिट्टी का टीला ढहने से चार महिलाओं की मौत, मचा कोहराम

उन्हें क्या पता था जिस टीले को वे खोदने में लगी हैं उसके तले उनकी मौत छुपी बैठी है। वे लगातार मिट्टी निकालती रही और अचानक उनका मौत से यूं सामना हो गया…

एक साथ चार मौतों से गांव में कोहराम
फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र के गौरा हार गांव में शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे टीला ढहने से मिट्टी निकाल रहीं पांच महिलाएं दब गई। चार की मौके पर मौत गई। टीले के मलबे में फंसी एक अन्य महिला को हरदोई सीएचसी पहुंचाया गया। हालत नाजुक होने पर सदर अस्पताल रेफर किया गया।
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एक साथ चार मौतों से गांव में कोहराम मचा है। डीएम मदन पाल आर्य, एसपी कवींद्र प्रताप सिंह, खागा एसडीएम अवनीश राय और सीओ अतुल चौबे टीम के साथ घटना स्थल पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक कृष्णा पासवान शोकाकुल परिवारों को सांत्वना देने मौके पर पहुंच गई हैं। गौरा हार गांव अकिलपुर ऐराना गांव का मजरा है।
चूल्हा पोतने और घर की लिपाई के लिपाई के लिए मिट्टी लेने गई थी
तड़के पांच बजे लोध बिरादरी की छह महिलाएं गांव के पश्चिम छोर पर स्थित पिडग़ड़वा तालाब से चिकनी मिट्टी निकालने गईं थीं। इसका उपयोग चूल्हा पोतने, घर की लिपाई में उपयोग होता है। टीला के भीतर विधवा भिखारी देवी (47), छोटे लाल की पत्नी सोमवती (38), कृष्ण कुमार की पत्नी ऊषा देवी (42), विपत कुमार की पत्नी संगीता देवी (32) और विधवा सियाकली(48) दाखिल हुईं। यह मिट्टी की खुदाई कर रहीं थीं तभी टीला भरभरा का ढह गया। जिसमें पांचों दब गईं।
टीला ढहता देखकर बाहर बैठी अमर सिंह की पत्नी मीरा देवी ने शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा किया। कुछ ही देर मेें यह बात गांव तक जा पहुंची और बड़ी संख्या में लोग फावड़ा लेकर तालाब पर आ पहुंचे। खुदाई कर मिट्टी बाहर निकाली शुरू कर दी गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाल लिया गया लेकिन भिखारी देवी, सोमवती, ऊषा देवी और संगीता की सांसें थम चुकी थीं। सियाकली का इलाज चल रहा है। हालांकि हालत चिंताजनक है। एसडीएम का कहना है कि परिवार की स्थिति का आंकलन कर उन्हें उचित सहायता प्रदान की जाएगी।





