राजस्थान: OPS में नया आंध्र मॉडल लागू करने में क्यों हिचक रही सरकार?

प्रदेश की नई भजनलाल सरकार इस OPS के लिए नया प्लान तैयार कर रही है, जिसमें आंध्र प्रदेश की तर्ज पर 50% फिक्स किए जाने का प्रावधान है।
राजस्थान में भजनलाल सरकार एक-एक कर पिछली गहलोत सरकार के फैसलों को बदल रही है। अब OPS को बदलकर नया आंध्र मॉडल लागू करने की तैयारी है। इसमें परेशानी ये है कि योजना को बदलने के बाद राजस्थान में 2 नहीं तीन तरह की पेंशन लागू हो जाएगी।
राजस्थान में पिछली गहलोत सरकार में लागू की गई ओल्ड पेंशन योजना के तहत अब तक सरकार कुल 1761 लोगों के पेंशन आदेश जारी कर चुकी है। इनमें 1164 रेग्यूलर पेंशन और 597 पारिवारिक पेंशन के प्रकरण शामिल हैं। अब प्रदेश की नई भजनलाल सरकार इस OPS के लिए नया प्लान तैयार कर रही है, जिसमें आंध्र प्रदेश की तर्ज पर 50% फिक्स किए जाने का प्रावधान है।
राजस्थान में फिलहाल दो तरह की पेंशन लागू हैं। इनमें एक 2004 से पूर्व की ओल्ड पेंशन 1-1-2004 के बाद एनपीएस योजना शामिल है। गहलोत सरकार ने इस एनपीएस योजना को ही बदलकर ओपीएस लागू की थी। यदि सरकार अब इस पेंशन योजना में बदलाव करती है तो 2004 से पहले की पेंशन, गहलोत सरकार में लागू ओल्ड पेंशन और इसके बाद लागू होने वाली पेंशन अलग-अलग जारी करनी होगी। इसके लिए पेंशन विभाग को तीन तरह के आंकड़ों को अलग-अलग कंपाइलेशन करना होगा।
ओपीएस जारी रहेगी या नहीं इससे जुड़े सवालों पर सरकार की चुप्पी
भजनलाल सरकार OPS को बदलकर नया आंध्र मॉडल लागू तो करना चाहती है, लेकिन कर्मचारियों के नाराज होने का डर भी है। इसी साल प्रदेश में पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। वहीं इसके बाद लोकल बॉडी के चुनाव भी हैं, जिन पर कर्मचारियों का खासा प्रभाव रहता है। राजस्थान में OPS के दायरे में करीब साढ़े 4 लाख कर्मचारी आते हैं। इसलिए विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की तरफ से OPS लेकर पूछे गए सवालों का बीते 6 महीने से सरकार ने विधानसभा को कोई जवाब नहीं भेजा।





