17वीं सदी में भी एलियन के बारे में सोचते थे लोग, साइंटिस्ट भी मानते थे…

अगर आपकी एलियन वगैरह में दिलचस्पी है तो यह आपके काम की बात हो सकती है. अगर आप वैज्ञानिक घटनाओं और पड़तालों पर गौर करें तो पाएंगे कि यूएफओ देखे जाने और कथित एलियन से आमना सामना होने की घटनाओं का जिक्र, हाल के दशकों में होता ज्यादा देखा गया है. इसके बावजूद, हाल के अध्ययन बताते हैं कि पृथ्वी के बाहर के जीवन के प्रति हमारा आकर्षण 17वीं शताब्दी से है.
ऐसा माना जाता है कि खगोलविदों और शिक्षाविदों ने पहली बार 1600 के दशक में यह खोज की थी कि सौरमंडल के केंद्र में पृथ्वी नहीं है. पिछली मान्यताओं के बावजूद कि पृथ्वी ब्रह्मांड के केंद्र में थी, मामला यह पाया गया था कि अन्य सभी ग्रहों की तरह पृथ्वी भी सूर्य की परिक्रमा करती थी.
इससे सिद्धांतकार यह भी मानने को प्रेरित हुए कि यह भी हो सकता है कि हमारे जैसा बुद्धिमान जीवन वर्तमान में हमारे सौर मंडल के दूसरे अन्य ग्रहों पर रह रहा हो. डच खगोलशास्त्री क्रिस्टियान ह्यूजेंस उस सिद्धांत के साथ आए जो इस विचार से उत्पन्न हुआ कि भगवान की सर्व-दर्शन और सर्वज्ञ शक्ति में उन्होंने ‘पूरे ब्रह्मांड को जीवित प्राणियों से आबाद करने का अवसर नहीं छोड़ा होगा.’
उन्होंने सोचा कि बृहस्पति जैसे पड़ोसी ग्रहों पर भगवान के रहस्यमय अन्य ‘जीवित प्राणियों’ के हाथ, पैर होंगे और वे हमारी तरह सीधे खड़े होंगे. लेकिन उन्होंने चौंकाने वाला दावा यह भी किया कि वे घरों, सामाजिक संपर्कों, कला के साथ हमारे जैसा जीवन जीते हुए ऊंचाई में हमसे ऊपर होंगे. साथ ही भगवान की पूजा भी करते होंगे.
न्यूटन जैसे बड़े वैज्ञानिकों ने भी माना
इस बीच, अन्य लोग एलियन जीवन के बारे में इतने निश्चित नहीं थे, लेकिन रॉयल इंस्टीट्यूट के जोसेफ ग्लेनविल और आइजैक न्यूटन ने ह्यूजेन्स द्वारा तैयार किए गए सिद्धांतों का समर्थन किया. उन्होंने 1976 में सुझाव दिया कि हालांकि वर्तमान में अन्य ग्रहों पर जीवन का कोई सबूत नहीं था, उन्होंने चंद्रमा का जीवन के लिए अनुकूल रहने योग्य होने या वहां वास्तव में जीवन के बसे होने की परिकल्पना का समर्थन किया.
पहले नहीं सोचा जाता था ऐसा
ऐसा कुछ समय पहले तक नहीं माना जाता था कि एलियन जीवन हमारे लिए खतरा हो सकता है. यह हाल ही में लोकप्रिय संस्कृति के साथ प्रमुखता से आया है. इसमें अक्सर बाहर के जीवन को हमारे ग्रह पर स्वागत करने के बजाय डरने की चीज के रूप में चित्रित किया जाता है. यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि आगर एलियन आए तो इंसानों को खत्म कर देंगे.





