बच्ची को जिंदा दफनाने के आरोप में महिला दोषी करार

 ढाई साल की बच्ची को जिंदा दफनाकर जान से मारने के आरोप में अदालत ने आरोपी महिला नीलम को दोषी करार दिया है। अदालत 15 अप्रैल को इस केस में अपना फैसला सुनाएगी। यह जानकारी वरिष्ठ वकील परोपकार सिंह घुम्मण ने दी।
घुम्मण ने कहा कि 29 नवंबर 2021 को थाना शिमलापुरी की पुलिस ने महिला नीलम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसने बच्ची को जिंदा की गड्ढे में फेंक दिया और ऊपर से मिट्टी डाल दी। नतीजतन बच्ची की मौत हो गई। इस केस में सत्र न्यायाधीश मुनीश सिंघल की अदालत में मामला चला और अदालत ने आरोपी को दोषी पाया है।


इस केस में निजी कंपनी में नौकरी करने वाले शिकायतकर्ता शमिंदर सिंह का कहना है कि उसके दो बच्चों में बड़ा बेटा हरप्रीत पुलिस में कार्यरत है। उसके दो बच्चे एक छह साल का बेटा एवं एक ढाई साल की बेटी थी। घटना वाले दिन ढाई साल की बच्ची दिलरोज कौर गली के बाहर खेल रही थी, तभी दादी पानी पीने के लिए अंदर गई तो वापस आकर देखा कि बच्ची गायब है। परिवार के सदस्यों ने बच्ची की तलाश शुरू की, लेकिन वह कहीं न मिली। परिवार को शक था कि क्वालिटी रोड निवासी नीलम ने उनकी बच्ची का अपहरण किया है। इस संंबंध में उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को काबू कर लिया और पूछताछ में उसने यह कबूल किया कि बच्ची को उसने ही उठाया था और जालंधर बाईपास के आगे एल्डिको कॉलोनी के पास एक खाली प्लाट में गढ्डे में उसे फेंककर ऊपर से मिट्टी डाल दी। अब अदालत इस केस में अपना फैसला देगी।

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