परमाणु युद्ध पर रूसी वैज्ञानिक का विचित्र बयान, यूरोप के हर शख्स को भेजना चाहिए खत…!

एक राजनीतिक वैज्ञानिक के अनुसार, रूस परमाणु हमलों से लगभग 25 करोड़ यूरोपीय लोगों का सफाया करने जा रहा है. रूसी प्रोफेसर दिमित्री एवस्टाफिएव ने इस सप्ताह देश के सरकारी स्वामित्व वाले रोसिया 1 टीवी चैनल पर एक बयान जारी किया, जिसमें दावा किया गया कि यह अटल है कि व्लादिमीर पुतिन यूरोप को परमाणु हथियारों से निशाना बनाएंगे. वहीं यूक्रेनी आंतरिक मामलों के मंत्रालय के सलाहकार एंटोन गेराशचेंको द्वारा एक्स/ट्विटर पर इस पर रोचक प्रतिक्रायाएं साझा की गईं.

एवस्टाफिएव ने यूरोप के लोगों को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने वर्तमान को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि रूस यूरोप का भविष्य बदलना चाहता है, जिसका मतलब है कि 20 से 25 करोड़ मृत या अपंग यूरोप होगा. एवस्टाफिएव ने दावा किया कि यह परमाणु युद्ध की कीमत है.

रूसी राजनीतिक वैज्ञानिक ने संकेत दिया कि पेरिस पुतिन के परमाणु हथियारों के लिए एक संभावित गंतव्य हो सकता है. उन्होंने कहा कि हमें खुल कर उन यूरोपीय शहरों का नाम बताना चाहिए जो नष्ट हो जाएंगे, या पेरिस पर पांच या छह परमाणु मिसाइलों के हमले के बाद कितने लोग हताहत होंगे.

एवस्टाफिएव को नहीं लगता कि अमेरिका गोलीबारी के निशाने वाली कतार में होगा. उन्होंने कहा कि वैसे, अमेरिकी ठीक हैं, शायद कुछ बादल ही वहां पहुंच सकेंगे. लेकिन उनके मुताबिक दुर्भाग्य से, यूरोपीय लोगों के दिमाग को उत्तेजित करने के सभी प्रयास असफल रहे हैं. उन्हें लगता है कि अपनी झूठी संवेदनशीलता को एक तरफ रख देना चाहिए कि कोई यूरोपीय परमाणु युद्ध नहीं होगा. नहीं, वहां होगा. और इसे सीधे बताना होगा. “

एवस्टाफिएव के विचित्र बयान इस सुझाव के साथ हुआ कि रूस को सभी यूरोपीय लोगों को व्यक्तिगत रूप से पोस्टकार्ड के साथ धमकी देनी चाहिए. प्रत्येक यूरोपीय को अपने मेलबॉक्स में उनसे एक पोस्टकार्ड मिलना चाहिए. एक पोस्टकार्ड जिसमें उसका घर, नाटो सैन्य सुविधा, वह स्थान जहां हड़ताल होगी और उनके घर में क्या बचेगा, लिखा होगा.”

एवस्टाफिएव का मानना है कि इससे हर यूरोपीय नागरिक को यह समझ आएगा कि वे भी मर सकते हैं क्योंकि पिछले 60 वर्षों से यूरोपीय नागरिक अमरता की पूरी भावना में जी रहे हैं. साफ है कि मकसद यूरोप को यूक्रेन की मदद करने से दूर करना है.

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