400 साल पहले जहाज के साथ डूब गया था खजाना, आज भी हो रही है उसकी तलाश!

18वीं सदी में एक स्पेनिश जहाज करोड़ों का खजाने लिए घूम रहा था. इसको हासिल करने लिए हुई लड़ाई के दौरान यह टूट कर डूब गया था और उसे आज तक खोजा जा रहा है. लेकिन डूबे हुए जहाज के एक अरब 69 करोड़ के खजाने को लेकर दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया और कोलंबिया की सरकार के बीच में ठनी हुई है. दोनों सरकार के अपने अपने दावे हैं.
खजाने के बारे में बताया जाता है कि इसे तीन जनजातियों के पूर्वजों ने खदानों में से निकाला था. अब कोलंबिया की सरकार की सैन जोस नाम के स्पैनिश गैली जहाज के अवशेषों को खोजने की योजना है. वहीं इन प्रजातियों का आरोप है कि कोलंबिया की योजना पाइरेसी है. यह जहाज 1708 में डूबा था, जिसमें सोना, चांदी और जवाहरात थे. बोलिविया का कहना है कि इसे उनके पूर्वजों ने खदानों से हासिल किया था.
वहीं कोलंबिया सरकार इस खजाने की खोज के लिए प्रतिबद्ध है और यह खोज जल्दी ही शुरू की जाने वाली है. बोलिविया के वकील जोसे मारियो लान्चो का कहना है कि उनके पास पर्याप्त अधिकार, ऐतिहासिक अनुभव, आदि रहैं जिससे इन समुदायों के दावे को सही साबित किया था. लोगों कि बिना किसी इजाजत के डूबे हुए जहाज की जगह पर दखल देना एक तरह की लूट होगी.
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का कहना है की डूबे जहाज के खजाने को हासिल करना एक प्राथमिकता होगी. इस खजाने का रहस्य 400 साल पहले 42 करोड़ 11 लाख के सोने से भरे मर्चेंट रॉयल नाम के जहाज के आसपास घूमता है. यह कोर्नवाल के आइल्स ऑफ सिसली के पास टकरा कर डूब गया था जिसके अवशेषों की तलाश जारी है.
स्थानीय लोगों को कहना है कि खजाने वाली बात किसी से छिपी नहीं है. दूसरी तरफ विशेषज्ञों का कहना है कि साहसी गोताखोरों के लिए भी तेज धारा में इसकी खोज करना बहुत ही ज्यादा खतरनाक है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसकी खोज रुकी हुई है कई लोग यहां कर समुद्र के किनारे भी खुदाई करते हैं. उन्हें उम्मीद रहती है कि खजाने का कुछ हिस्सा इतने सैकड़ों सालों में बहकर किनारे लग गया होगा.





