1500 अरब दान में लुटा दिए, बांटने में गरीब रहे सबसे आगे, अमीर न‍िकले कंजूस

दुनिया में एक से एक दानवीर आपको मिलेंगे. क‍िसी ने अपनी पूरी दौलत धर्मार्थ कार्यों के ल‍िए दान कर दी, तो क‍िसी ने गरीब बच्‍चों की पढ़ाई के ल‍िए पैसे लुटा दिए. लेकिन दुनिया का एक देश ऐसा भी है, जहां के लोगों ने इस साल 1500 अरब रुपये दान कर दिए. इतना ही नहीं, सबसे गरीब लोग सबसे उदार न‍िकले. उन्‍होंने अमीरों से ज्‍यादा दिल खोलकर पैसे दिए. अमीरों की बस्‍ती कंजूस निकली. उन्‍होंने तो गरीबों से भी कम पैसे दिए.

मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में ब्रिटेन के चैरिटीज़ एड फाउंडेशन (सीएएफ) की रिपोर्ट सामने आई है. ज‍िसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे. माना जा रहा है क‍ि ब्रिटेन में लोग इस वक्‍त महंगाई से जूझ रहे हैं. तमाम लोगों के ल‍िए जरूरी चीजें जुटाना भी मुश्क‍िल हो रहा है. लेकिन दान देने के मामले में वे पीछे नहीं हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की जनता ने 2023 में चैरिटी के लिए रिकॉर्ड 13.9 बिलियन पाउंड का दान दिया. भारतीय रुपये में देखें तो यह 14,74,17,62,00,000 होगा. यह पिछले साल के मुकाबले 9 फीसदी ज्‍यादा है.

हर आदमी ने औसतन 7 हजार रुपये दान किए
रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. जैसे हर आदमी ने औसतन हर महीने 65 पाउंड यानी तकरीबन 7 हजार रुपये दान किया. यह पिछले साल के मुकाबले 40 फीसदी ज्‍यादा है. शेफील्‍ड हॉलम इलाके में तो ज्‍यादातर लोगों ने अपनी आय का 3.2% ह‍िस्‍सा धार्मिक कार्यों के ल‍िए दान कर दिया. यहां ज्‍यादातर सामान्‍य या गरीब पर‍िवारों के लोग रहते हैं. अमीर लोगों की बस्‍ती थोड़ी कंजूस न‍िकली. लंदन के सबसे धनी माने जाने वाले इलाके केंसिंग्टन और बेज़वाटर के लोगों ने अपनी आय का केवल 0.5% ह‍िस्‍सा ही दान किया. दान देने के मामले में वे दूसरे स्‍थान पर रहे. केंसिंग्टन लंदन का सबसे अमीर नगर है, यहां रहने वाले लोग औसनत 77 लाख रुपये कमाते हैं. यह राजधानी में रहने वालों के मुकाबले दोगुना है. यहां हर चार में से एक शख्‍स बिजनेसमैन, हाई प्रोफाइल अफसर, सीईओ और उच्‍च पदस्‍थ अध‍िकारी है.

गरीबों ने दान देने में अमीरों को पीछे छोड़ा
आप जानकर हैरान होंगे क‍ि उत्‍तरी आयरलैंड के बेलफास्‍ट वेस्‍ट में रहने वाले लोगों ने अपनी कमाई का 2.2% ह‍िस्‍सा दान कर दिया. बेलफास्‍ट वेस्‍ट वो जगह है, जहां चार में से एक पर‍िवार बेहद गरीब है. इसके बावजूद इन लोगों ने अपनी मजदूरी से खुलकर दान दिया. इसके बावजूद दानदाताओं की संख्‍या में ग‍िरावट आई है. नियमित रूप से दान देने वाले लोगों की संख्या 2019 में 65% से गिरकर पिछले साल 58% से भी कम हो गई है. विश्लेषकों ने कहा कि अधिक लोगों द्वारा दान देने के बजाय, लोगों द्वारा दान की जाने वाली राशि में वृद्धि हुई है.

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