कोहली पर छाए संकट के बादल, चारों ओर से हो रही है तीखी आलोचना

टीम इंडिया को ऊचाइंयों पर पहुंचाने वाले कप्तान विराट कोहली की आईपीएल दस में चमक फीकी रही है। इस सत्र में वह न तो कप्तानी से और न ही अपनी बल्लेबाजी से प्रशंसकों को प्रभावित कर सके हैं। कोहली पर छाए संकट के बादल, चारों ओर से हो रही है तीखी आलोचना

आईपीएल-9 के ओरेंज कैपधारी विराट इस सत्र के अपने नौ मैचों में केवल 250 रन ही बना सके हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन केवल 66 रन ही रहा है। इसके विपरित पिछले सत्र में उन्होंने चार शतकों के साथ 973 रन बनाए थे। यह आईपीएल के एक सत्र का सबसे बड़ा स्कोर है। अगर बात करे कप्तानी की तो वह इसमें भी सफल नहीं रहे हैं। इस बार वह अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु को प्ले ऑफ में भी नहीं पहुंचा सके हैं। विराट की टीम इस सत्र के 13 मैचों में केवल दो ही जीत हासिल कर सकी है। जिसके कारण वह पांच अंकों के साथ तालिका में सबसे नीचे स्थित है।

यह भी पढ़े: अभी-अभी: योगी ने किया बड़ा ऐलान UP में बिना बैग के स्कूल जाएंगे बच्चे

खुद विराट कोहली ने आईपीएल 10 में टीम के बेहद खराब प्रदर्शन पर निराशा जाहिर करते हुए इसे भूलने वाला सत्र बताया है। गत उपविजेता बेंगलूरु की टीम के लिए इस सत्र में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा। दुनिया के किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर देने वाली विराट, क्रिस गेल और एबी डीविलियर्स जैसे बल्लेबाजों की तिकड़ी के विफल रहने के अलावा गेंदबाजी में भी कोई धार नहीं दिखी। बल्लेबाज टीम को बड़ा स्कोर दे नहीं पा रहे और गेंदबाज स्कोर का बचाव नहीं कर पा रहे हैं।

विराट ने कहा कि आपको तब बेहद निराशा होती है जब आपकी टीम के ऐसे खिलाड़ी असफल होते हैं जिनके बारे में आपको पूरी उम्मीद रहती है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे। ऐसे खिलाड़ी जब अच्छा खेलते हैं तो वे दूसरे खिलाडिय़ों को भी अच्छा करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्ष हमने शानदार प्रदर्शन किया था और दर्शकों के साथ साथ हमारी खुद की उम्मीदें भी इस सत्र के लिए बढ़ गई थी, लेकिन टीम निराशाजनक तरीके से एक के बाद एक मैच गंवाते हुए प्लेऑफ से बाहर हो गई। हम टूर्नामेंट के इस सत्र को जल्द ही भूलना चाहेंगे।

Back to top button