जनसंख्या नियत्रंण कानून को लेकर फिर उल्टे पैर यात्रा पर निकला तलवार दंपती

तलवार दंपती का कहना है कि अब तक वे करीब 100 बार जंतर मंतर पर भी जागरूकता अभियान चला चुके हैं। देश की पिछली सरकारों को करीब एक लाख पोस्टकार्ड सुबह भेज चुके हैं। स्कूल के बच्चों के बीच या कभी बसों में या ट्रेन में यह मेरठ के किसी भी चौराहे पर उनको जन जागरण करते हुए देखा जा सकता है।
देश की बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित कराने के लिए मेरठ का तलवार दंपती एक बार फिर से उल्टे पैर पैदल यात्रा पर निकल चुका है। मंगलवार दोपहर 12 बजे दंपती ने अपनी यात्रा की शुरुआत जिला सचिवालय से की। अब तक तलवार दंपती देश के करीब 300 से भी ज्यादा शहरों की उल्टे पैर यात्रा कर चुका है। पानीपत में ये उनकी दूसरी यात्रा है।
दिनेश तलवार और उनकी पत्नी दिशा तलवार का कहना है कि वे देश के प्रधानमंत्री से मिलने के लिए लगातार प्रयत्न कर रहे हैं। इससे पहले भी देश के 12 प्रधानमंत्रियों और सरकारों को एक लाख पोस्टकार्ड लिख चुके हैं। वे प्रधानमंत्री से मिलकर देश की बढ़ती जनंसख्या पर अंकुश लगाने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाने की अपील करना चाहते हैं। इस मांग को लेकर दंपती पिछले 30 वर्ष से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांग रहा है।
मेरठ के सरस्वती लोक निवासी तलवार दंपती का कहना है कि उन्होंने 1994 में इस अभियान की शुरुआत की थी। जब नरसिम्हा राव की सरकार थी तब से जनसंख्या वृद्धि पर कार्य कर रहे हैं। उसके बाद जितने भी प्रधानमंत्री आए, तलवार दंपती ने उनसे मिलने का समय मांगा लेकिन अभी तक उनको निराशा ही हाथ लगी है। 2010 में उन्होंने लगातार मेरठ जिलाधिकारी कार्यालय पर रामधन गाकर 365 दिन तक लगातार ज्ञापन तक दिया है।
लोगों से अपील करते हैं कि बच्चे दो ही अच्छे
तलवार दंपती का कहना है कि अब तक वे करीब 100 बार जंतर मंतर पर भी जागरूकता अभियान चला चुके हैं। देश की पिछली सरकारों को करीब एक लाख पोस्टकार्ड सुबह भेज चुके हैं। स्कूल के बच्चों के बीच या कभी बसों में या ट्रेन में यह मेरठ के किसी भी चौराहे पर उनको जन जागरण करते हुए देखा जा सकता है। जंतर मंतर से लेकर गेटवे ऑफ इंडिया, आगरा, लखनऊ, देहरादून, जयपुर, अमृतसर, लुधियाना में तलवार दंपती जनसंख्या नियंत्रण की अपनी मुहिम को लेकर आवाज बुलंद कर चुके हैं।
आजादी के समय 33 करोड़ से अब पहुंचे 150 करोड़
उन्होंने बताया कि आजादी के वक्त देश की आबादी 33 करोड़ थी और आज 150 करोड़ है। 1952 में परिवार नियोजन सबसे पहले भारत में लागू हुआ था और आज देश की स्थिति क्या है यह कहने की जरूरत नहीं है। अपने जीवन के 50 वर्ष पूरे कर चुके तलवार दंपति को वर्तमान सरकार यानी मोदी सरकार से उम्मीद है उनको मिलने का समय भी देंगे और जनसंख्या नियंत्रण पर कानून भी बनाएंगे।
ऐसे दिखाते हैं एक दूजे को राह
जब पति उल्टा चलता है, तब पत्नी रास्ता दिखाती है। जब पत्नी उल्टा चलती है तब पति रास्ता दिखाता है। जब पति-पत्नी दोनों उल्टा चलते हैं तो उनके दोनों बच्चे यश और सिमरन दोनों को रास्ता दिखाते हैं। उनका कहना है कि उनके जीवन का मकसद सिर्फ जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाना है। जिस दिन यह कानून बन जाएगा देश की तमाम समस्याओं पर अपने आप ही धीरे-धीरे अंकुश लग जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि जब तक ये कानून नहीं बनता उनकी यात्रा जारी रहेगी।





