फोटोग्राफर मोहनलाल हत्याकांड में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, जानिये पूरा मामला

रेवाड़ी जिले के गांव ढाणी सुंदरोज निवासी मोहनलाल (44) फिलहाल शहर के यादव नगर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उन्होंने अपने घर के पास ही एक फोटो स्टूडियो खोला था। 7 नवंबर की देर शाम उनके पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने उसे फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया।
रेवाड़ी में फोटोग्राफर मोहनलाल हत्याकांड में पुलिस ने चार दिन बड़ा खुलासा किया है। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके ही दामाद रामजस ने शूटर के जरिए कराई थी। रामजस सशस्त्र सीमा बल का जवान है। शूटर दीपक को सीआईए टीम ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। साथ ही आरोपी रामजस की भी तलाश की जा रही है।
डीएसपी संजीव बल्हारा के मुताबिक पोस्टमार्टम के दौरान दो गोलियां मिलने के बाद एसपी दीपक सहारण ने इस पूरे मामले की जांच सीआईए-1 प्रभारी सुमेर सिंह की टीम को सौंपी थी। सुमेर सिंह की टीम ने जांच आगे बढ़ाई तो एक सुराग मिला। पुलिस को पता चला कि मोहनलाल की बेटी अपने पति से विवाद के चलते काफी समय से मायके घर पर रह रही थी।
इसके आधार पर जब जांच आगे बढ़ाई गई तो पता चला कि इस मामले में अलवर जिले के इसरोदा गांव निवासी दीपक की भूमिका हो सकती है। पुलिस ने दीपक की लोकेशन ट्रैक की और उसे राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़ लिया। जब उस से सख्ती से पूछताछ की गई तो उस ने मोहनलाल की हत्या की बात कबूल कर ली।
इस वजह से की हत्या
हत्या के पीछे का कारण रामजस और उसकी पत्नी के बीच विवाद सामने आया है। आरोपी रामजस भी इसरोदा गांव का रहने वाला है और वर्तमान में सशस्त्र सीमा बल में कार्यरत है। पुलिस टीमें आरोपी रामजस की तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही पुलिस आरोपी दीपक यादव का क्राइम रिकॉर्ड भी खंगालने में जुटी हैहै।
7 नवंबर की है घटना
आपको बता दें कि रेवाड़ी जिले के गांव ढाणी सुंदरोज निवासी मोहनलाल (44) फिलहाल शहर के यादव नगर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उन्होंने अपने घर के पास ही एक फोटो स्टूडियो खोला था। 7 नवंबर की देर शाम उनके पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने उसे फोटो खिंचवाने के लिए बुलाया। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। उसी रात उसका शव गांव कालूवास के फ्लाईओवर के नीचे शव पड़ा मिला। शरीर पर दो गोलियां लगीं थी।





