चुटकुले : जब कैदी को 10 दिन पहले फांसी के लिए लेने आया सिपाही

कामकाज के बढ़ते प्रेशर का असर अब हमारी सेहत पर भी दिखने लगा है। ऐसे में लोग अपने मूड को फ्रेश करने के लिए कई सारे उपाय अपनाते हैं। जोक्स इन्हीं उपायों में से एक है। जोक्स हंसने का सबसे सरल और आसान उपाय है, जो हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। अगर आपको भी जोक्स पसंद हैं, तो हम लाए हैं कुछ मजेदार जोक्स-
भागदौड़ भरे जीवन में आजकल लोग अक्सर तनाव का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में काम का बोझ लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव डालने लगता है, जिसकी वजह से वह कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का शिकार होते जाते हैं। ऐसे में जोक्स की मदद से कई लोग अपना माइंड फ्रेश करते हैं। जोक्स हंसने का सबसे सरल और सस्ता तरीका है, जिससे सेहत को कई फायदे मिलते हैं। अगर आप भी जोक्स पढ़ने के शौकीन हैं, तो पढ़ें आज का जोक ऑफ द डे-
सिपाही- चल भाई, तेरी फांसी का समय हो गया।
कैदी – पर मुझे तो फांसी 10 दिन बाद होने वाली थी?
सिपाही- जेलर साहब कह कर गए हैं कि तू उनके गांव का है,
इसीलिए तेरा काम पहले।
बंटी – बेटा दो बिस्तर क्यों बिछाए हैं।
बेटा – घर पर दो मेहमान आने वाले हैं।
बंटी- कौन-कौन?
बेटा – मम्मी के भाई और मेरे मामा।
बंटी फिर एक और लगा, मेरा साला भी आ रहा है।
पत्नी- आपने कुछ सुना
पति- क्या?
पत्नी- जिन पंडित जी ने अपनी शादी करवाई थी आज वो मर गए
पति- कभी न कभी तो उसे अपने कर्मों का फल मिलना ही था।





