पाक को चेतावनी- आतंकियों को रोको, वरना कब तक शांत रहेगा भारत?


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सांसद क्राउली ने कहा कि इन मुद्दों को दोनों देशों को द्विपक्षीय तरीके से हल करना चाहिए. उन्होंने कहा, लेकिन मेरा मानना है कि एक भूमिका है जो अमेरिका निभा सकता है और वह यह कि भारत और पाकिस्तान का दोस्त होने के नाते अमेरिका क्षेत्र में शांति और समन्वय की राह तलाशने के लिए मित्र देशों पर दबाव बना सकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ट्रंप प्रशासन अफगानिस्तान नीति पर भारत से जानकारी मांगेगा. माना जा रहा है कि उसे अंतिम रूप दिए जाने के लिए काम चल रहा है.
क्राउली ने कहा, मैं यकीनन यह उम्मीद करता हूं कि भारत सरकार की राय को राष्ट्रपति और विदेश मंत्रालय ध्यान में रखेगा. भारतीय जनता और सरकार ने लगातार आतंकवादी हमले झेले हैं. उन्होंने कहा कि कोई सिद्धांत बनाने से पहले अफगानी जनता और भरतीय जनता के बीच ऐतिहासिक संबंधों को ध्यान में रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इस तरह के सिद्धांत की जरूरत आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखते हुए क्षेत्र में शांति और समन्वय को बनाने रखने के लिए है.





