बुधवार से महंगा हो जाएगा मेट्रो का सफर, ये होंगी बढ़ी कीमतें


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बता दें कि मेट्रो किराया बढ़ोत्तरी को लेकर एफएफसी ने बीते साल ही अपनी सिफारिश भेज चुकी है। जिसमें न्यूनतम किराया 8 से 10 रुपये जबकि अधिकतम किराया 30 से 50 रुपये करने की सिफारिश की गई है। इससे पहले बोर्ड की बैठकों में बीते नवंबर से चर्चा होती रही लेकिन अंतिम मुहर नहीं मिल पाई है।
इससे पहले भी दो बार अंतिम समय में बोर्ड की बैठकें रद्द हो गई है। मगर अब नगर निगम चुनाव खत्म होने के बाद सोमवार को होने वाली बैठक में इसपर मुहर लगना लगभग तय है। हालांकि यह कब लागू होगा इसपर आखिरी फैसला दिल्ली मेट्रो खुद लेगी। आखिरी बार सितंबर 2009 में किराये में बढ़ोत्तरी हुई थी।
किराया बढ़ोत्तरी के अलावा भी किराया निर्धारण समिति ने अलग-अलग सिफारिशे दी है जिससे मेट्रो का राजस्व बढ़ाया जा सके। जिसमें ऑफ पीक ऑवर, रविवार और राष्ट्रीय अवकाश के दिन किराए में विशेष छूट, रष्ट्रीय अवकाश (गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती) और रविवार को यात्रा करने वाले यात्रियों को किराये में 20 से 50 फीसदी तक की छूट।
इस बार आठ साल बाद किराया बढ़ाया जाएगा। आगे ऐसी दिक्कत ना हो समिति ने जनवरी 2019 से हर साल किराया बढ़ाने की सिफारिश की है।
डीएमआरसी के पास दो-तीन कंपनियों ने ई-रिक्शा चलाने की इच्छा जताई है। मगर दिल्ली में ई-रिक्शा पॉलिसी में एक व्यक्ति एक ई-रिक्शा का कानून है। कोई भी व्यक्ति या कंपनी एक से अधिक ई-रिक्शा का परमिट नहीं ले सकता। ऐसे में एक कंपनी का 100 ई-रिक्शा के साथ आना मुश्किल है। डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने उनके सामने प्रस्ताव रखा है। मगर एक व्यक्ति एक ई-रिक्शा की पॉलिसी के चलते यह योजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। मेट्रो इस समस्या का विकल्प तलाशने में जुटी है।
बताते चलें कि 3 मई को मेट्रो फाउंडेशन डे पर आयोजित कार्यक्रम में उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मेट्रो को लास्ट माइल कनेक्टविटी पर काम करने को कहा था। जिससे लोग व्यक्तिगत वाहन छोड़कर ज्यादा से ज्यादा इसका प्रयोग करें। साथ ही स्टेशनों के बाहर वाहनों की कतारों को भी खत्म किया जा सके।





