9 अप्रैल को पटना में उपेंद्र कुशवाहा ने बुलाई अहम बैठक…

लोकसभा चुनाव 2024 का समय नजदीक आ रहा है। इसे देखते हुए बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू छोड़कर राष्ट्रीय लोक जनता दल (रालोजद) नाम से नई पार्टी बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने भी आगामी चुनाव के लिए कमर कस ली है। कुशवाहा अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने जा रहे हैं। इसके लिए 9 अप्रैल (रविवार) को पटना में अहम बैठक बुलाई गई है। 

रालोजद के प्रदेश प्रवक्ता और महासचिव राम पुकार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा कार्यकर्ताओं के लिए एक मॉडल पेश करेंगे। प्रशिक्षण की तैयारी और तारीख तय करने के लिए 9 अप्रैल को पटना में सभी 38 जिलों के पार्टी के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई गई है। 

इस बैठक में उपेंद्र कुशवाहा के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष रमेश कुशवाहा भी मौजूद रहेंगे। इसमें 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की जयंती और 23 अप्रैल को बाबू वीर कुंवर सिंह जी की जयंती पर समारोह आयोजित करने को लेकर भी चर्चा होगी। 

एनडीए में जाएंगे कुशवाहा?
दूसरी ओर, कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा आगामी आम चुनाव से पहले बीजेपी के साथ गठबंधन कर सकते हैं। वे एनडीए में रहकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा का कहना है कि अभी किसी भी गठबंधन में जाने पर कोई विचार नहीं किया गया है। वह अपनी नई पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं। समय आने पर फैसला लिया जाएगा।

महागठबंधन के वोटों में सेंधमारी करेंगे उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा द्वारा नई पार्टी बनाने के बाद यह तय हो गया है कि वे आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा की कुर्मी-कोइरी वोटरों पर अच्छी पकड़ है, इसे बिहार में लव-कुश समीकरण कहा जाता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के ये कोर वोटर हैं। अब कुशवाहा जेडीयू से अलग हो गए हैं और आगामी चुनावों में उनकी पार्टी रालोजद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। ऐसे में महागठबंधन के वोटों में सेंधमारी होना तय है।

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