लखनऊ में आवारा कुत्तों का आतंक, नहीं मिल रहे हैं रैबीज के इंजेक्शन…

राजधानी में रोजाना 200 से ज्यादा लोगों को आवारा कुत्ते काट रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहर में कुत्तों का ज्यादा आतंक है। यह आंकड़े सरकारी अस्पतालों में लग रहे रैबीज के इंजेक्शन बता रहे हैं। रैबीज का इंजेक्शन लगवाने वालों में 30 प्रतिशत बच्चे होते हैं। बीते एक साल में अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 14348 लोगों को रैबीज इंजेक्शन लगा है। कोरोना की घातक दूसरी लहर की वजह से अस्पतालों में कई माह इंजेक्शन नहीं लगे।
पुराने इलाकों में आवारा कुत्तों का ज्यादा आतंक
पुराने लखनऊ के इलाकों में आवारा कुत्तों का ज्यादा आतंक है। बलरामपुर अस्पताल के रैबीज वैक्सिनेशन प्रभारी डॉ. विष्णु देव बताते हैं कि यहां रोज 150 से ज्यादा लोग रैबीज का इंजेक्शन लगवाने आते हैं। पुराने लखनऊ के सबसे ज्यादा लोग होते हैं। इसके अलावा टीबी अस्पताल व सिविल अस्पताल में रैबीज इंजेक्शन लगवाने आने वालों में 60 फीसदी लोग पुराने लखनऊ के इलाकों के हैं। इनमें सबसे ज्यादा चौक, चौपटिया, नक्खास, मौलवीगंज, सआदतगंज, ऐशबाग, कैसरबाग, रकाबगंज, ठाकुरगंज, सदर, डालीगंज आदि इलाके के लोग हैं।
15 मिनट तक घाव को धुलें
बलरामपुर अस्पताल के रैबीज वैक्सिनेशन प्रभारी डॉ. विष्णु देव बताते हैं कि कुत्ता काटने पर तुरन्त 15 मिनट तक कपड़ा धोने वाला साबुन लगाकर पानी से धोएं। घरेलू उपचार से बचें। सरकारी अस्पतालों में चार इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। पहले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन व 28 वें दिन में लगता है।
निजी में 500 रुपए की एक डोज
कुत्ता काटने वाला रैबीज इंजेक्शन निजी डॉक्टर प्रति डोज 350 से 500 रुपये तक ले रहे हैं। हालांकि सभी सरकारी अस्पतालों में रैबीज की उपलब्धता के चलते बहुत कम ही लोग निजी अस्पतालों में रैबीज इंजेक्शन लगवाते हैं।
दो दिन से रैबीज इंजेक्शन नहीं
सरोजनीनगर सीएचसी पर दो दिन से रैबीज इंजेक्शन नहीं है। यहां के चीफ फार्मासिस्ट सुशील तिवारी ने बताया कि यहां प्रतिदिन 15 से 20 लोगों को रेबीज इंजेक्शन लगते हैं। दो दिन से इंजेक्शन नहीं। लोगों को लोक बन्धु या बलरामपुर अस्पताल भेजा जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉ अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि रैबीज इंजेक्शन के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है।
वर्जन
सरकारी अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रैबीज इंजेक्शन नि:शुल्क उपलब्ध है। प्रभारियों की मांग के मुताबिक इंजेक्शन उपलब्ध कराया जाता है। स्टॉक में भारी मात्रा में इंजेक्शन उपलब्ध हैं।
डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
यहां लग रहे इंजेक्शन
बलरामपुर अस्पताल- 150 से 170
सिविल अस्पताल- 100 से 130
लोक बन्धु अस्पताल-50 से 80
सीएचसी मोहनलालगंज-30 से 40
टीबी अस्पताल में 40 से 60
सीएचसी गोसाईंगंज- 30 से 40
सीएचसी मॉल व मलिहाबाद- 20 से 30
सीएचसी बीकेटी व इटौंजा में 50 से 60
सरोजनीनगर व काकोरी में 25 से 30





