जेल में बंद आसाराम के आश्रम में मिला नाबालिग लड़की का शव, मौके पर पहुंची पुलिस…

जेल में बंद आसाराम के गोंडा स्थित आश्रम से इस वक्त एक बड़ी खबर आ रही है. बता दें कि आसाराम के आश्रम में नाबालिग लड़की का शव मिला है. बालिका की उम्र करीब 13-14 साल बताई जा रही है. शव मिलने की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई. मौके पर पुलिस पहुंच गई है.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

जानकारी के मुताबिक ये मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत विमौर का है. यहां आसाराम का आश्रम है. बालिका 5 अप्रैल से लापता थी. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

बाप-बेटे पर लगा था रेप का आरोप

वहीं आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं पर सूरत की रहने वाली दो बहनों ने बलात्कार का आरोप लगाया था. जिसमें बड़ी बहन ने आसाराम पर जबकि छोटी बहन ने नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप लगाया था. पुलिस ने इस मामले में आसाराम के खिलाफ चार्जशीट भी फाइल कर दी थी. हालांकि इस मामले में ट्रायल पिछले लम्बे वक्त से नहीं हो रहा था.

बलात्कार का दोषी पाया गया था

आसाराम को एक अदालत ने 2013 में अपने आश्रम की लड़की से बलात्कार का दोषी पाया था. लड़की नाबालिग थी. लड़की का आरोप था कि आसाराम ने उसे जोधपुर के पास मणाई इलाके में अपने आश्रम में बुलाया था और 15 अगस्त 2013 की रात उसके साथ बलात्कार किया. 2013 से ही जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है. उसे 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. आसाराम ने कई बार जमानत के लिए याचिकाएं दाखिल की हैं, लेकिन हर बार उसकी कोशिशें नाकाम हो गईं.

आसाराम के बेटे पर भी कसा शिकंजा

वहीं आसाराम के बेटे नारायण साईं की मुश्किल बढ़ गई है. नारायण साईं फिलहाल सूरत की लाजपुर जेल में बंद है. जेल से बाहर निकलने के लिए नारायण साईं ने कोर्ट के सामने गलत दस्तावेज प्रस्तुत किए थे. इनमें कहा गया था कि उसकी मां बीमार होने की वजह से अस्पताल में भर्ती है. उनके इलाज के लिए जमानत चाहिए. हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया कि वह जमानत के कागजात की जांच करें. पुलिस की जांच में यह सामने आया कि नारायण साईं ने गलत दस्तावेज के आधार पर जमानत हासिल की थी. इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर अहमदाबाद के सोला पुलिस थाने में नारायण साईं के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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