बाथरूम भी बन सकता हैं आपकी परेशानियों का कारण, ऐसे रखे ध्यान..

अक्सर देखा जाता है कि कई लोगों पर अनायास ही विपदाओं का साया बना रहता हैं और जीवन में आए दिन लगातार कई परेशानियां सामने आती रहती हैं। ऐसे में आपको अपने बाथरूम पर ध्यान देने की जरूरत हैं जिसमें उपस्थित वास्तुदोष कई परेशानियों का कारण बनते हैं। जी हां, बाथरूम से जुड़ी वास्तु की गलतियां नकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हुए घर की सुख-समृद्धि में बाधक बनती हैं। ऐसे में आज हम आपको बाथरूम से जुड़े वास्तु के कुछ खास नियम बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर अपने जीवन में आ रही इन बाधाओं से मुक्ति पाई जा सकती हैं और सकारात्मकता का संचार किया जा सकता हैं। तो आइये जानते हैं बाथरूम से जुड़े इन वास्तु टिप्स के बारे में…

बाथरूम के दरवाजे को हमेशा बंद करके रखना चाहिए। बाथरूम का दरवाजा यदि खुला रहता है तो इससे नकारात्मक ऊर्जा फैलती हैं। जिससे आपके करियर में अवरोध पैदा होता है।

– बाथरूम का नल टूटा हुआ नहीं होना चाहिए। यदि नल से पानी टपकता रहता है तो इससे घर में धन की हानि होती है। बाथरूम को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। इसका प्रभाव आपकी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। कार्य हो जाने के पश्चात बाथरूम के पानी को सुखा देना चाहिए।

बाथरूम घर के उत्तर या उत्तर-पश्चिम कोने में होना चाहिए। कभी भी बाथरूम दक्षिण, दक्षिण-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में न बनवाएं।

वास्तु के अनुसार किचन के सामने या फिर बगल में बाथरूम नहीं होना चाहिए। टॉयलट सीट पश्चिम में या उत्तर-पश्चिम में होनी चाहिए।

बाथरूम में उत्तर या पूर्वी दीवार पर मिरर लगाएं और उसका आकार चौकोर या आयताकार हो। गोलाकार या अंडाकार मिरर वास्तु के हिसाब से अच्‍छा नहीं माना जाता है।

इलेक्ट्रिक से जुड़े सामान जैसे स्विच बोर्ड, गीजर, फैन इत्यादि दक्षिण पूर्व दिशा में लगाएं।

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