अभी और कहर बरपाएगी गर्मी, मौसम विभाग के मुताबिक देश में…

मार्च महीने के अंत में ही गर्मी अपना कहर बरपाने लगी है. देश के ज्‍यादातर हिस्‍से हीट वेव का सामना कर रहे हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो चला है. मौसम विशेषज्ञों की राय में अगले कुछ दिनों में गर्मी रौद्र रूप दिखाएगी और कई जगहों पर अधिकतम तापमान 41 डिग्री के पार जाने की संभावना है. वहीं, दिल्‍ली समेत हरियाणा, राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश में हीट वेव की स्थिति और गंभीर होगी. गर्म मौसम से फ‍िलहाल राहत मिलने की कतई उम्‍मीद नहीं है, क्‍योंकि बारिश (Rain) की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है.

मैदानी इलाकों में हवा की गति धीमी हो रही है. तापमान में वृद्धि होगी, जिससे दक्षिण हरियाणा, दिल्ली के कुछ हिस्सों और उत्तर राजस्थान में हीट वेव होगी. अगले 8 से 10 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है

पिछले कई दिनों से बारिश (Rain) नहीं हो रही और पिछले दो-तीन दिनों से तेज हवाएं चल रही थी, जिसके कारण तापमान बहुत ज्यादा नहीं बढ़ पा रहा था. अब हवाओं की गति में थोड़ी सी कमी आएगी… जो 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटा हवाएं चल रही थी, वह अब 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी. बारिश ना होने, आसमान साफ होने कारण और तेज धूप के कारण अब तापमान तेजी से बढ़ेगा तथा कई स्थानों पर लू की स्थिति बन सकती है.

वहीं, भारतीय मौसम विभाग के विशेषज्ञों का अनुमान है कि पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में लू से गंभीर लू की स्थिति बनने की संभावना है. 29 और 30 मार्च को पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में और 31 मार्च से 2 अप्रैल के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनेगी. उनका कहना है कि 29 और 30 मार्च को दक्षिण हरियाणा और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में हीट वेव से गंभीर हीट वेव की स्थिति बनेगी.

अगले कुछ दिनों तक देश में रहेंगे ऐसे हालात…

-अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है और इसके बाद उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है.

-अगले 3 दिनों के दौरान मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में लगभग 2⁰C की वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होगा.

-अगले 2 दिनों के दौरान गुजरात राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना नहीं है और उसके बाद धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी.

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