सीएम योगी ने KGMU में किया 320 बेड के लेवल-3 कोविड अस्पताल का लोकार्पण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार यहां किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में 320 बेड के लेवल-3 कोविड अस्पताल का लोकार्पण किया। लोकार्पण के पश्चात उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर KGMU के ब्राउन हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कोविड चिकित्सालय से लखनऊ सहित पूरा प्रदेश लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि केजीएमयू में पहले से संचालित डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के साथ ही, इस अस्पताल को भी पूरी क्षमता से कार्यशील रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 15 दिनों में प्रदेश में लोकार्पित किए गए एल-3 डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों की श्रृंखला का यह चौथा अस्पताल है। इसके पूर्व नोएडा, गोण्डा तथा गोरखपुर में 300-300 बेड के डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों का लोकार्पण किया गया है। सभी कोरोना वॉरियर्स द्वारा अभिनन्दनीय कार्य किया जा रहा है। इसे निरन्तर और बेहतर बनाए जाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे फील्ड में जाकर एल-3 श्रेणी के कोविड अस्पतालों का उद्घाटन कर रहे हैं, जिससे चिकित्सकों सहित सभी कोरोना वॉरियर्स कोविड-19 से बचाव के जरूरी उपाय और सावधानियां बरतते हुए चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित हों।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में कोविड का पहला मामला सामने आने पर, यहां पर उपचार की सुविधा नहीं थी। इसके बाद प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हम निरन्तर कोविड-19 की टेस्टिंग व उपचार हेतु बेड बढ़ाने में सफल रहे हैं। केजीएमयू में स्थापित लैब में प्रदेश में पहली बार 23 मार्च, 2020 को कोविड-19 के 72 टेस्ट हुए थे। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 01 लाख 50 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। इसमें से 50 हजार टेस्ट आरटीपीसीआर, 3.5 हजार टेस्ट ट्रूनेट मशीनों तथा लगभग 01 लाख रैपिड एन्टीजन टेस्ट हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा कोविड से बचाव और उपचार के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। इससे बड़े पैमाने पर लोगों की जीवन रक्षा हुई है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में एल-1 और एल-2 श्रेणी के डेडिकेटेड कोविड अस्पताल कार्यशील हैं। एल-3 कोविड अस्पतालों की सुविधा भी तेजी से बढ़ायी जा रही है। कोविड-19 की शुरुआत के समय प्रदेश के 36 जनपदों में वेण्टिलेटर की व्यवस्था नहीं थी। वर्तमान में प्रत्येक जनपद में कम से कम 10 वेण्टिलेटर उपलब्ध हैं। हम सभी को कोविड-19 के विरुद्ध लम्बी लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए। कोविड-19 एक अदृश्य शत्रु है। इसलिए सबसे पहले इससे बचाव तथा संक्रमण की स्थिति में उपचार की सुचारू व्यवस्था करनी होगी। वैक्सीन बनने के बाद, वायरस के रूप बदल लेने जैसी स्थितियों के लिए भी तैयार रहना होगा। इस सब में केजीएमयू, एसजीपीजीआई तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान को अग्रणी भूमिका निभानी होगी। चिकित्सा सुविधाओं के सम्बन्ध में यह संस्थान पूरे प्रदेश के लिए मॉडल बनने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केजीएमयू, एसजीपीजीआई तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा एल-3 श्रेणी के 01 हजार कोविड बेड की सुविधा विकसित की जानी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए पूरा सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आइसोलेशन बेड को आईसीयू बेड में बदलने के लिए तत्परता से कार्य किया जाए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केजीएमयू, एसजीपीजीआई तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा प्रदेश में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए वर्चुअल आईसीयू संचालित किया जाना चाहिए। एसजीपीजीआई लखनऊ द्वारा इस तरह की व्यवस्था का संचालन किया भी जा रहा है। आईसीएमआर द्वारा केजीएमयू को क्वालिटी के सम्बन्ध में जिम्मेदारी दी गई है, जिसे इस संस्थान द्वारा बखूबी निभाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केजीएमयू, एसजीपीजीआई तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा कोविड-19 के उपचार के साथ ही, नॉन कोविड चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जा रही हैं। कोविड-19 से बचाव के उपाय व सावधानियां बरतते हुए चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करायी जानी चाहिए। वर्तमान समय में मरीजों को सेवाभाव से उपचार सुलभ कराकर सरकारी चिकित्सा सेवाओं में जन विश्वास पुख्ता किया जा सकता है। टीम वर्क के माध्यम से इसे प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
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कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए पूरी शक्ति और मनोयोग से कार्य किया जा रहा है। केजीएमयू प्रदेश का सबसे पुराना चिकित्सा संस्थान है। इस पर सबका भरोसा है। राज्य में अब तक 02 लाख 05 हजार कोविड संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। इसका श्रेय राज्य सरकार के साथ ही, प्रदेश के चिकित्सकों को भी जाता है।
केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल प्रो. बिपिन पुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा केजीएमयू में कोविड अस्पताल का लोकार्पण ऐतिहासिक अवसर है। यह डेडिकेटेड कोविड अस्पताल टर्शियरी लेवल का अत्याधुनिक अस्पताल है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू में कोविड और नॉन कोविड मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही, साइंटिफिक व रिसर्च गतिविधियां भी चल रही हैं।
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