मैनपुरी : गंदगी फैलाने पर होगी कड़ी कार्रवाई, डीएम ने ईसन नदी का किया निरीक्षण

मैनपुरी। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि ईसन नदी में पानी शहर तक पहुंच चुका है। उन्होने जिला कारागार के निकट करबला पुल पर ईसन नदी का जायजा लेते हुये कहा कि ईसन नदी में कल की अपेक्षा आज अत्याधिक साफ पानी दिखायी दे रहा है। शहर में ईसन नदी का साफ पानी आने के कारण जो पहले से जमा गंदा पानी था वह अब धीरे-धीरे साफ हो रहा है। जैसे-जैसे नदी मे जल का स्तर बढ़ेगा वैसे-वैसे नदी का जल शहर के अंदर और साफ होगा। उन्होने कहा कि खटिकपुर चेकडैम से लगातार साफ पानी शहर की ओर बढ़ रहा है।

ईसन नदी का निरीक्षण करते डीएमडीएम ने कहा कि नदी में पानी की गहराई अधिकांश जगह सात फुट से अधिक है। कोई भी व्यक्ति किसी भी कारण नदी के अंदर न जाए। पूरी सावधानी बरती जाए। उन्होने कहा कि जो नदी वर्षो से अपना अस्तिव खो चुकी थी आज वह अपने पुराने स्वरूप में वापस लौटने लगी है,। अब किसानों को सिंचाई हेतु पानी की किल्लत नहीं होगी। ईसन नदी के आस-पास के क्षेत्र में घट रहे जल स्तर में सुधार होगा। उन्होने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार समय की महती आवश्यकता है। विलुप्त के कगार पर खड़ी नदियों, नालों, झरनो को पुराने स्वरूप में लाना हम सबकी जिम्मेदारी है। यदि प्राकृति जल स्रोत संरिक्षत नहीं होंगे तो आने वाले समय में तमाम समस्याएं हमारे सामने होंगी। जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना नहीं की जा सकती।पानी जमीन पर उपलब्ध एक बहुमुल्य संसाधन है साथ ही जल सभी सजीवांे के जीने का आधार भी है।

जिलाधिकारी ने ईसन नदी के किनारे बसे ग्रामवासियों, शहर के निवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति नदी में कूड़ा न फेंके। नदी के किनारे खुले में शौच न करें। यदि कोई व्यक्ति नदी के किनारे शौंच करता पाया गया या कूड़ा फेंकते मिला तो उसके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि नदी में पानी की उपलब्धता होने पर प्रत्येक शहरवासियों को किसी न किसी रूप में इसका फायदा मिलेगा। नदी के किनारे हरियाली होगी। जल स्तर में भी सुधार होगा। उन्होने कहा कि नदी के आसपास स्थित करीब के गांवों के किसानों को सिचाई के लिए पानी मुफ्त में उपलब्ध होगां पशु पक्षियों, जीव- जन्तुओं को भी काफी राहत होगी।

पोर्टल पर करें श्रमिकों का अंकन

मैनपुरी। जिलाधिकारी महेंन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि सेवायोजन पोर्टल पर प्रवासी श्रमिकों, निवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं श्रमिकों का अंकन पोर्टल पर किया जायेगा। उन्होंने समस्त कार्यालयाध्यक्षों को आदेशित किया है कि वे अपने विभाग से सम्बन्धित सवेतन रोजगार, स्वतः रोजगार, मानव दिवसों से सम्बन्धित योजनाओं की उपलब्ध्यिों की अद्यतन स्थिति सेवायोजन द्वारा विकसित सेवामित्र प्लेटफार्म पर अंकन कराना सुनिश्चित करें।

बिजली विभाग की योजनाओं का लें लाभ, किश्तों में करें बकाया बिलों का भुगतान

मैनपुरी।  जिलाधिकारी महेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने हेतु आसान किस्त, किसान आसान किस्त योजना, लाईन हानियां 15 प्रतिशत से नीचे लाओ और 24 घंटे बिजली पाओ योजना विद्युत विभाग द्वारा संचालित है। उन्होने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा घोषित सुविधाओं का लाभ उठाने हेतु सभी उपभोक्ता समय से अपने बिलों का भुगतान करें। जिससे निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उन्होने बताया कि आसान किस्त योजना के अन्तर्गत योजना में पंजीकरण 31 मार्च को समाप्त हो चुका है परंतु जिन उपभोक्ताओं ने जनवरी 20 से पूर्व अपनी सभी मासिक किस्तों का नियमित भुगतान किया है। महामारी के कारण फरवरी 20 से जून 20 तक नहीं कर पाए हैं वह उपभोक्ता आगे नियमित किस्त चुकाने पर योजना के लाभार्थी बने रहेंगे। उन्होने बताया कि इस योजना के तहत चार किलोवाट तक के घरेलू ग्रामीण उपभोक्ताओं को 24 एवं शहरी उपभोक्ताओं को 12 मासिक किस्तों में बकाया भुगतान की सुविधा सरचार्ज माफी के साथ दी गई है। योजना में बकाया धनराशि को अधिकतम छह मासिक किस्तों में आगामी माह के बिलों के साथ जमा करने की सुविधा दी गई है। वर्तमान में पंजीकरण कराए जा रहे ’’आसान किसान योजना’’ में यदि उपभोक्ता बिल संशोधन की आवश्यकता महसूस करते हैं, तो संबंधित अधिकारी से संपर्क कर बिल संशोधित करा सकते हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि लाईन हानियां 15 प्रतिशत से नीचे लाओ और 24 घंटे बिजली पाओ योजना के अंतर्गत उपभोक्ता अपने क्षेत्र में कम से कम 10 फीडरों को चिन्हित कर 90 दिनों में इस योजना से आच्छादित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसके तहत उपभोक्ता बिजली का बिल समय से जमा करें। बिजली चोरी रोकने में सहयोग करें। उन्होने बताया कि सी.एस.सी. के माध्यम से उपभोक्ता बिजली का बिल जमा कर सकते हैं। उपभोक्ता ऑनलाइन भी अपना बिल जमा कर सकते हैं। देय तिथि से पहले बिल जमा करने पर एक प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होने बताया कि उपभोक्ता बिजली संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु टोल फ्री नंबर-1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इम्यून सिस्टम को खोखला कर रहे तंबाकू उत्पाद, सीएमओ कार्यालय में आयोजित हुई गोष्ठी

मैनपुरी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 एके पाण्डेय ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 संक्रमण जनपद में तेजी से फैल रहा है। इसके बढते संक्रमण से बचने के लिए हमारी अन्दर इम्यून सिस्टम मजबूत होना चाहिये। वर्तमान समय की आधुनिक जीवनशैली में तम्बाकू उत्पाद हमारी इम्यून सिस्टम को खोखला कर रहे हैं।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए डा. पाण्डेय ने बताया कि तम्बाकू उत्पाद जैसे बीडी, गुटखा, खैनी, सिगरेट आदि हमारी इम्यून सिस्टम को कमजोर तो कर ही रहे हैं साथ ही तरह-तरह की बीमारियों भी उत्पन्न कर रहे हैं। प्रदेश के समस्त शासकीय प्रतिष्ठानों के मुख्यालयों, सरकारी प्रतिष्ठानों एवं स्थानीय कार्यालयों में तम्बाकू एवं तम्बाकू के प्रयोग को पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जा चुका है।

नोडल अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजीव राव बहादुर ने बताया कि मुंह में रखने वाली तम्बाकू जैसे गुटखा, खैनी, पान-मसाला, सिगरेट आदि से मुंह में लगातार लार बनती रहती है और थूकना पडता है। धुएं वाले तम्बाकू उत्पाद से फेंफडे के कार्य की क्षमता प्रभावित होती है जिससे कोविड-19 के संक्रमण का खतरा अधिक होता है। धूम्रपान एवं तम्बाकू उत्पादों को त्यागने का एक अच्छा समय है। हम सभी को कोरोना काल में संकल्प लेना चाहिये कि हम किसी भी प्रकार के तम्बाकू उत्पाद का सेवन नहीं करेंगे। गोष्ठी में डा. राज विक्रम, जिला सलाहकार अभय कुमार सिंह, निर्मला सिंह, किरन यादव, विपुल कुमार सक्सेना, अमित सिंह, मयूर कुमार आदि मौजूद थे।

परिषदीय विद्यालय में नहीं बना पाथ वे, स्कूल बना तालाब

कुरावली। सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों की दिशा और दशा बेहतर करने के लिए अनेक योजनाओ अनेक दावे हकीकत मे हवा हवाई नजर आ रहे है। ग्राम खिरिया पीपर के परिषदीय स्कूल की टूटी बाउन्ड्री वाल और हल्की बारिश के दौरान तालाब बने स्कूल परिसर को देखकर तो ऐसा ही प्रतीत हो रहा है।। इसी तालाब को पार कर शिक्षक व शिक्षिकाऐं अपने आपको जोखिम मे डालकर स्कूल के अंदर पहुंचते है।

स्कूल में भरा बारिश का पानीग्राम पंचायत गंगाजमुनी के गांव खिरिया पीपर मे प्राइमरी स्कूल इंगलिश मीडियम, पूर्व माध्यमिक विद्यालय तथा आंगनबाड़ी केन्द्र एक ही परिसर मे संचालित हो रहे है। बरसात के दिनों मंे इन स्कूलांे मंे पहुंचने के लिए अध्यापकों को एडी चोटी का जोर लगाना पडता है। जीटी रोड़ से स्कूल जाने वाला मुख्य रास्ता कीचड से अटा पड़ा है। स्कूल तक पहुंच जाने के बाद तालाब बने स्कूल प्रांगण मे जूते मोजे उतार कर पानी मे घुसकर कमरों तक पहुंचना होता है। जब तक बरसात के दिन रहेंगे स्कूल प्रांगण तालाब बना रहता है। इस संबन्ध मे खंड बेसिक शिक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने कहा आपरेशन काया कल्प के तहत विद्यालय की रगंाई पुताई व टूट फूट व सीसी युक्त पैदल रास्ता बनाने के लिए ग्राम प्रधान के पास बजट सरकार द्वारा भेजा गया है। लेकिन कुछ प्रधानों द्वारा अभी तक पाथ वे का निर्माण नहीं कराया गया है। ऐसे स्कूलों की सूची बनाकर पाथ वे का निर्माण कराया जायेगा।

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