पूर्व गृह मंत्री अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से दर्ज करायेंगे बयान, जाने क्या है मामला

लखनऊ/ विधि संवाददाता। बावरी विध्वंस प्रकरण में आरोपों के बयान दर्ज करने के सिलसिले में अब 23 जुलाई को भाजपा के वयोवृद्ध नेता मुरली मनोहर जोशी का बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज होगा। मामले की सुनवाई कर रहे हैं विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता को बयान दर्ज कराए जाने हेतु लिंक से अवगत कराने को कहा है।
अदालत के आदेश अनुसार बुधवार को आरोपी सतीश प्रधान का बयान दर्द होना था तथा न्यायालय ने आदेश किया था कि आरोपी का बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज होगा परंतु आज उनके अधिवक्ता मनीष कुमार त्रिपाठी द्वारा अदालत के समक्ष दिया गया है कि वह कोरोना पॉजिटिव है तथा डॉक्टरों द्वारा उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है एवं वाह क्वॉरेंटाइन हैं। अदालत प्रार्थना पत्र पर्याप्त आधार पाते हुए सतीश प्रधान के बयान दर्ज करने के लिए अब आगामी 28 जुलाई की तिथि नियत की है।

सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के उपरांत अयोध्या प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत पिछले 4 जून से आरोपितों का बयान दक्ष के जाने की कार्रवाई चल रही है तथा अब मात्र 3 आरोपियों का बयान दर्ज किया जाना शेष है। अदालत के पूर्व आदेश के अनुसार 23 जुलाई को मुरली मनोहर जोशी का बयान एवं 24 जुलाई को लालकृष्ण आडवाणी का बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज किया जाएगा। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को दृष्टिगत रखते हुए उनके वकीलों द्वारा अदालत के समक्ष पूर्व में इस आशय का एक प्रार्थना पत्र दिया गया था कि वृद्ध है जिसके कारण वह न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने में असमर्थ हैं। अदालत ने बचाव पक्ष की मांगो को स्वीकार करते हुए स्वीकार करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान दर्ज कराए जाने की अनुमति प्रदान कर दी थी।
बुधवार को मामले की सुनवाई के समय कोई भी आरोपी उपस्थित नहीं था जिसके कारण उनकी ओर से अधिवक्ता केके मिश्रा एवं मनीष त्रिपाठी में हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अभियोजन की ओर से अदालत ने सीबीआई के विशेष अधिवक्ता ललित कुमार सिंह, पूर्णेन्दु चक्रवर्ती तथा आर के यादव उपस्थित थे । मामले में कल भी सुनवाई जारी रहेगी।

Back to top button