विधान परिषद चुनाव से पहले आरजेडी को लगा झटका

राजद के पांच विधायकों ने थामा जेडीयू का दामन
राजद को हुआ बड़ा नुकसान
जुबिली न्यूज डेस्क
बिहार में विधान परिषद चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल को बड़ा झटका लगा है। आरजेडी के पांच विधान पार्षदों ने मंगलवार को राजद को छोड़कर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का दामन थाम लिया। विधायकों के इस कदम से आरजेडी को काफी नुकसान हुआ है।
राजद के जिन पांच विधान पार्षदों ने जेडीयू का दामन थामा, उनमें राधाचरण सेठ, दिलीप राय, कमरे आलम, संजय प्रसाद और रणविजय राय शामिल हैं। विधान परिषद के सभापति अवधेश सिंह ने पांचों विधायकों के गुट को अलग मान्यता दे दी है।
जदयू की सचेतक रीना यादव के पत्र के आलोक में विधान परिषद ने राजद से आए जदयू के सभी सदस्यों को मान्यता दे दी।
बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए जदयू, भाजपा, राजद और कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। जदयू ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को इसके लिए अधिकृत कर दिया है।
राजद में तीन सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो गए हैं। वहीं प्रदेश भाजपा ने संभावित उम्मीदवारों की सूची केंद्र को भेज दी है। उधर, कांग्रेस में अनेक दावेदारों के बीच एक उम्मीदवार का चयन पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती है।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद का चुनाव होना है। इसको लेकर आरजेडी में रार छिड़ी हुई है। विधान परिषद उम्मीदवारों के नाम की चर्चा होते ही विवाद शुरू हो गया है। सोमवार को राजद के नेता पूर्व मंत्री भोला राय के समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास 10 सर्कुलर रोड पर जाकर हंगामा किया था। उधर लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप भी दिल्ली में अपना कागज तैयार करने में लगे हैं।
तेज प्रताप इस बार विधान परिषद के उम्मीदवार बनने के प्रयास में हैं, लेकिन पार्टी ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए परिवार के किसी सदस्य को सदन में नहीं भेजने का फैसला किया है।
उधर, भोला राय के समर्थकों का दावा है कि श्री राय को लालू ने भी विप भेजने का वादा किया था, पर अब तक की सूची में उनका नाम नहीं है। बाद में पार्टी के नेताओं ने कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर वापस किया। भोला राय राघोपुर के हैं, जहां से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी चुनाव लड़तेे हैं। वे इसके पहले भी कई बार विधान परिषद जा चुके हैं। वह राजद सरकार में मंत्री भी रहे हैं।





