Facing conflict between teachers and staff in KGMU : news in hindi
-बाल रोग विभागाध्यक्ष ने की है स्टाफ नर्स के खिलाफ लिखित शिकायत
-बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहा था मेल नर्स, पुलिस केस में भी आरोपी
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय (केजीएमयू) में बाल रोग विभाग में उठा मामला आसाना से ठंडा होता नहीं दीख रहा है, केजीएमयू के शिक्षक जहां इस मसले में विभागाध्यक्ष से किये गये दुर्व्यवहार पर केजीएमयू प्रशासन से स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं कर्मचारी भी शिक्षक के खिलाफ एक्शन लिये जाने का दबाव केजीएमयू प्रशासन पर बना रहे हैं। केजीएमयू प्रशासन फिलहाल बीच-बचाव कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।
आपको बता दें कि मामला केजीएमयू की बालरोग विभागाध्यक्ष प्रो.शैली अवस्थी और स्टाफ नर्स का है। प्रो.अवस्थी ने केजीएमयू प्रशासन से पुरुष नर्स स्टाफ द्वारा अभद्रता करने की लिखित शिकायत की है।
केजीएमयू बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो.शैली अवस्थी ने केजीएमयू प्रशासन को भेजे गए पत्र में बताया है कि एनआईसीयू में एजेंसी के जरिए कार्यरत पुरुष नर्स राम सागर 29 मई से बिना सूचना के गायब थे। कर्मचारी के अनुपस्थित रहने की वजह से यहां भर्ती शिशुओं की जान खतरे में रही। वह 11 जून को कर्मचारी नेताओं के साथ कार्यालय में घुस आए और जबरन ड्यूटी ज्वॉइनिंग कराने की बात कही। मना करने पर कर्मचारी नेताओं ने उनके साथ अभद्रता की। जबकि ड्यूटी पर गायब रहने के दौरान अयोध्या पुलिस द्वारा 2 जून को पीआईसीयू में कार्यरत नर्स सुजीत कुमार की मौत के मामले में भी रामसागर को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने यह जानकारी मांगी है कि विभाग में कार्य करने के दौरान सुजीत कुमार और राम सागर के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था कि नहीं। इस बीच अनुपस्थिति के संबंध में बिना कोई कारण बताए रामसागर और कर्मचारी नेता दोबारा ड्यूटी ज्वॉइन करने का दबाव बना रहे हैं। मामले को लेकर शिक्षक व चिकित्सकों में आक्रोश है। सदस्यों का कहना है कि विभागाध्यक्ष के साथ हुई अभद्रता के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की गई तो विश्वविद्यालय में अराजकता बढ़ सकती है। ऐसे मामले में कठोर कार्यवाही की जरूरत है। वहीं केजीएमयू प्रवक्ता डॉ.सुधीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।





