जेएंडके: लांचिग पैड पर करीब 300 आतंकी घुसपैठ की फिराक, सेना सतर्क

जम्मू.
सच में कश्मीर अगले तीन महीनों के भीतर सामान्य होने जा रहा है. सच में
शांति लौट आने वाली है. सच में आतंकवाद पूरी तरह से खत्म होने जा रहा है.
यह सवाल सेना के उस दावे के बाद उठ रहे है,ं जिसमें उसने कहा है कि अगले
तीन महीनों में कश्मीर में सब सामान्य हो जाएगा और खुशहाली लौट आएगी. यह
बात अलग है कि यह दावा उस समय किया गया है, जब प्रदेश पुलिस कहती है कि
आतंकी दो कार बम लेकर घूम रहे हैं और पाकिस्तान आतंकियों को हथियारों व
गोला बारूद की कमी को पूरा करने के लिए अब एयर डिलीवरी भी करने लगा है.

24 घंटों के
भीतर 8 आतंकियों को ढेर करने के बाद कश्मीर में सेना की 15वीं कोर के
कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने कल शुक्रवार 19 जून की देर शाम दावा
किया था कि अगले दो से तीन महीने में कश्मीर में परिस्थितियां सामान्य हो
जाएंगी. उन्होंने कहा कि इस साल कश्मीर के भीतरी हिस्सों में सौ से अधिक
आतंकी मारे जा चुके हैं. इनमें से अधिकांश स्थानीय हैं. हमें किसी स्थानीय
आतंकी की मौत पर कोई खुशी नहीं होती, लेकिन हमारे पास कोई दूसरा विकल्प भी
नहीं होता. हम स्थानीय युवकों को सरेंडर का पूरा मौका देते हैं. आतंकी
संगठनों में नई भर्ती रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं.

उनका कहना था
कि नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तानी सेना की निगरानी में लांचिग पैड पर
करीब 300 आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं. इतना ही नहीं, हताश आतंकी संगठनों
ने अब आपस में हाथ मिला लिया है. सेना कहती थी कि पाकिस्तान घुसपैठ की
खातिर सीजफायर की धज्जियां हमेशा ही उड़ाता रहेगा.

मजेदार बात यह
थी कि सेना इसे भी मानती थी कि सैंकड़ों आतंकी सीमा पार घुसपैठ के लिए
इंतजार कर रहे हैं तथा कश्मीर के भीतर वे दो कार बमों को लेकर घूम रहे हैं,
जिन्हें वे किसी भी समय फोडऩे की कोशिश कर सकते हैं. यही नहीं अब तो
पाकिस्तान ने कश्मीर के आतंकियों को पेश आ रही हथियारों व गोला बारूद की
तंगी को दूर करने के लिए हथियारों की एयर डिलीवरी अर्थात ड्रोन से हथियार
भेजने की कोशिश आरंभ की है तो ऐसे में सेना तीन महीनों में कश्मीर में कैसे
सामान्य परिस्थितियां बहाल कर पाएगी, इस सवाल के जवाब की फिलहाल सभी को
तलाश है.

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