जानें कितनी खतरनाक होती हैं एबॉर्शन की प्रक्रिया, पूरी खबर पढ़कर हिल जाएगा आपका दिमाग…

माँ बनना हर महिला का एक सपना होता है। क्योकि एक बच्चे के बगैर माँ की कोख कितनी सुनी होती है ऐसा तो एक माँ ही बता सकती है। जिस तरह से बहुत असहनीय पीड़ा सहन करके एक औरत एक बच्चे को जन्म देती है। यह तो बीएस उस औरत को होता है। स्पेसलिस्ट की माने तो बच्चे को जन्म देते वक्त एक महिला को इतना दर्द होता है जितना की शरीर में करीब 20 हड्डिया के टूटने के बराबर होता है लेकिन उसके बाद के सुखद अहसास के आगे प्रसव पीड़ा को वह तुच्छ मानती है। बच्चे को जन्म देना और उसकी परवरिश करना वह अपनी जिम्मेदारी नहीं बल्कि अपनी ख़ुशी मानती है। इसके बावजूद उसको कुछ ऐसे निर्णय लेने पड़ते है जो ज्यादातर उसकी मर्जी के खिलाफ होते है ।

इस समय में जो एबॉर्शन होते है उसमे माँ बच्चे को जन्म देने के लिए शारीरिक , मानसिक व आर्थिक रूप से तैयार नहीं होती लेकिन दूसरा 90 % कारण होता है अनचाहा गर्भ। इस प्रकिया में मशीन वैक्यूम एस्पिरेशन को काम में लिया जाता है जो आगे से एक ट्यूब नुमा होती है जिसको बच्चे के भूर्ण तक पंहुचा दिया जाता है और फ्रेशर से हवा ट्यूब में बाहर की तरफ खींचती है जिससे भूर्ण को उस ट्यूब के माध्यम से माँ से अलग कर दिया जाता है ।
इस प्रक्रिया में वैक्यूम एस्पिरेशन, डाइलेशन और क्योरटेज, तथा अन्य सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट (जैसे चिमटी), आदि का इस्तेमाल किया जाता है। सबसे पहले इस उपकरणों से उस बच्चे(भूर्ण) के एक – एक अंग को काटकर माँ के शरीर से अलग किया जाता है फिर वैक्यूम एस्पिरेशन मशीन से अगर बच्चे के शरीर को कोई भाग रह गया हो तो उसे निकला जाता है।
यह सिर्फ उस के साथ हो रहा था जिसने इस धरती पर कदम भी नहीं रखा । यह उस औरत के पास था जिसको बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित जगह कहा जाता है अगर बच्चे को माँ-बाप से डर होने लगा तो वह इस दुनिया में
एक बेगुनाह को इस तरह मारना आपकी नजर में कितना सही है क्या इसके खिलाफ कोई सख्त कानून होना चाहिए ।





