अगर आपको भी कंप्यूटर पर काम करते समय होता है सिरदर्द तो भूल से भी न करें नजरअंदाज

देशभर में घोषित लॉकडाउन के बीच लोग वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम कर रहे हैं। खासकर ऑफिस के काम के बीच लगातार कंप्यूटर या लैपटॉप देखने के कारण आंखों में जलन और सिरदर्द होना आम बात है। चिकित्सकों की सलाह है कि हमें लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते हुए बीच-बीच में ब्रेक लेते रहना चाहिए। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि काम इतना ज्यादा होता है कि हम ऐसा नहीं कर पाते। इस कारण हमें सिर दर्द होने लगता है और कभी यह हमारी गर्दन में भी पहुंच जाता है। यही नहीं इसी कारण शरीर के अन्य हिस्सों में भी दर्द होने लगता है। डॉक्टर बताते हैं कि काम के दौरान होने वाले इस सिरदर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

घर में ऑफिस जैसा माहौल होना मुश्किल होता है। घर में संतुलित रोशनी (बैलेंस्ड लाइट) न हो और फिर किचन से लेकर किसी तरह की गंध हमारे दिमाग की ट्राइजेमिनल नस को प्रभावित करती है। इस नस के तेज ट्रिगर होने पर सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्या भी हो सकती है। कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन से भी कुछ रेडिएशन निकलती हैं जो नसों की सामान्य गतिविधियों को प्रभावित करते हुए सिरदर्द का कारण बन सकती हैं। लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन आंखों को भी कमजोर करती है और सिरदर्द पैदा करती है।
सिरदर्द के साथ गर्दन में भी अकड़न होने लगे
शरीर को कोई हिस्सा अक्सर सुन्न होने लगे
सिर में तेज दर्द के के साथ आंखों में पानी आने लगे
सिरदर्द के साथ मतली या उल्टी होने लगे
तेज रोशनी और आवाज से ज्यादा परेशानी होना
सिरदर्द के साथ बुखार भी आना
सात घंटे की नींद बहुत जरूरी होती है। समय पर सोने ओर समय से जगने की आदत डालें।
पानी खूब पीएं। इसके साथ ही जूस और अन्य पेय पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।
चाय-कॉफी या कैफीन की मात्रा वाले पेय का ज्यादा सेवन न करें।
हर दिन सुबह 20 से 30 मिनट तक योगा, ध्यान और व्यायाम करने से भी शरीर स्वस्थ रहता है।
काम करते वक्त कंप्यूटर और लैपटॉप की ब्राइटनेस कम कर के रखें।
आंखों को सुरक्षा देने के लिए कंप्यूटर और लैपटॉप में लगाने वाली स्क्रीन भी आती है।
या फिर आंखों में तकलीफ हो तो सनग्लास लगाकर भी कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम कर सकते हैं।





