एक बार फिर वुहान मार्केट में बिकने लगे चमगादड़, कुत्ते और दूसरे जानवरों के मांस

दिसंबर 2019 में चीन के वुहान स्थित सी फूड मार्केट से फैले कोरोना वायरस ने लगभग पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. विश्व के सामने यह महामारी एक ऐसी चुनौती बनी हुई है कि इससे निपटना किसी के लिए भी आसान नहीं है. एक ओर जहां कोरोना वायरस से कई देशों में तबाही का आलाम जारी है, तो वहीं इस महामारी से चीन में पिछले कुछ दिनों से राहत की खबर आ रही है. यहां कोविड-19 महामारी नियंत्रित हो रही है, लेकिन इसका प्रभाव अब भी देखा जा रहा है. एक ओर जहां कोरोना त्रासदी से पूरी दुनिया परेशान नजर आ रही है तो वहीं दूसरी तरफ चीन का लापरवाह रवैया भी सामने आ रहा है.
कोरोना वायरस से मचे हाहाकार के बीच चीन के वुहान में एक बार फिर से मांस बाजार खुल गए हैं और यहां चमगादड़, पैंगोलिन, कुत्ते समेत अन्य जानवरों के मांस बिकने लगे हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि चीन का यह कदम खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि यहां पहले कोविड-19 संक्रमण के चमगादड़ों से दूसरे जानवरों में फैलने की खबर सामने आई थी. अलग-अलग रिपोर्टों से यह पता चलता है कि चीन के हुबेई प्रांत का एक 55 वर्षीय मरीज ऐसे ही मांस मार्केट से संक्रमित होने वाला पहला व्यक्ति था.

वाशिंगटन एग्जामिनर ने ‘ए मेल ऑन संडे’ के हवाले से कहा कि दोबारा खुलने के बाद बाजार उसी तरह से काम कर रहे हैं, जैसे कोरोना वायरस से पहले गुलजार हुआ करते थे. हालांकि मांस बाजार को कड़ी सुरक्षा के बीच खोला गया है. यहां तैनात गार्ड यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी खून से लथपथ फर्श, कुत्तों और खरगोशों के कत्लेआम की तस्वीरें न ले पाएं. इसके अलावा पिंजरे में कैद जानवरों की भी तस्वीरें न खींच पाएं.
दरअसल, चीन के वुहान सीफूड मार्केट को कोरोना वायरस का केंद्र माना जाता है, जिसने देखते ही देखते पूरी दुनिया को तबाह कर दिया. इस वायरस के चलते दुनिया भर में करीब 38,000 लोगों की मौत हो चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 12 जनवरी को एक बयान में कहा था कि यह महामारी वुहान के एक सीफूड मार्केट से फैला है.
बहरहाल, रिपोर्ट के अनुसार चीन में हर कोई यह मान रहा है कि इस देश में कोरोना वायरस का प्रकोप खत्म हो गया है और अब चिंता की कोई बात नहीं है. हालांकि इस महामारी के फैले प्रकोप के बीच चीन में फिर से खुले मांस बाजारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही है. कई वैज्ञानिकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने चीन के मांस बाजारों पर बैन लगाने का आह्वान किया है, क्योंकि यह एशियाई देश अपनी गलती से अब भी सबक नहीं ले रहा है.

Back to top button